बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट विनोद कुमार पंचम ने दलित उत्पीड़न व मारपीट के मामले में तीन भाइयों को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रणधीर सिंह ने बताया कि सात जून 2009 की रात पचपेड़वा के ग्राम कोहरगड्डी निवासी नदीम, समीर व फरीद ने राजकिशोर को लाठी-डंडे से पीटा व जातिसूचक गालियां दी थीं।
पुलिस ने राजकिशोर के प्रार्थनापत्र पर मुकदमा दर्जकर विवेचना की। पुलिस ने नदीम, समीर व फरीद के खिलाफ दलित उत्पीड़न व मारपीट के मामले में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद न्यायाधीश ने तीनों सगे भाइयों को दलित उत्पीड़न व मारपीट का दोषी मानते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास व 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर तीनों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।