बलरामपुर। फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के मामले में एक और खुलासा हुआ है। तीन और लोगों के प्रमाणपत्र सत्यापन में फर्जी मिलने के बाद सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुमंत सिंह चौहान ने भी एक मुकदमा दर्ज कराया है।
दर्ज कराई रिपोर्ट के अनुसार तुलसीपुर के बड़गौ निवासी पाटन, चंद्रिका प्रसाद व देवीपाटन निवासी ऊषा वर्मा अपने जन्म प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए सीएचसी में नियुक्त डाटा इंट्री ऑपरेटर प्रीतम कुमार गुप्ता के पास पहुंचे। जांच में प्रमाणपत्र फर्जी मिले। बताया गया कि यह सीएचसी से जारी नहीं किए गए हैं। इसके बाद जब इन लोगों से जानकारी की गई तो चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि गांव की एक महिला ने बताया था कि देवीपाटन में एक व्यक्ति है, वह 200 रुपये में जन्म प्रमाणपत्र बनाता है।
उसी से बनवाया है। इस मामले में अधीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने बताया कि पचपेड़वा के मामले में दो लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अन्य मामलों की जांच कराई जा रही है। साइबर सेल व संबंधित थाने की पुलिस मिलकर काम कर रही है।