तुलसीपुर (बलरामपुर)। बुराई का ज्ञान कराकर लोगों को सतकर्म के लिए प्रेरित करना ही संतों का सच्चा धर्म है। ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी ने जीवन के अंतिम समय तक समाज के हित में कार्य करते हुए धर्म का प्रचार-प्रसार किया। इस लिए उनके बताए मार्ग का अनुसरण करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। यह बात नैमिषारण्य के महंत स्वामी विद्या चैतन्यजी महाराज ने कही।
वह शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी के पुण्यतिथि पर सोमवार को आयोजित संत सम्मेलन एवं श्रद्धांजलि सभा में हिस्सेदारी कर रहे थे। सभा की अध्यक्षता करते हुए शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर के पीठाधीश्वर मिथलेश नाथ योगी ने कहा कि संत, समाज को धर्म और कर्म का ज्ञान कराते हैं। सच्चा संत वही है जो अपने भक्तों के साथ-साथ पूरे समाज के हित को ध्यान में रखते हुए कार्य करे। अपने आचरण से दूसरे के लिए प्रेरणा स्रोत बने। शक्तिपीठ देवीपाटन के विकास में ब्रह्मलीन महंत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अपने आदर्शों के चलते वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
इस दौरान हिसार हरियाणा से आए महंत विनोद नाथ, योगी दीनानाथ, अयोध्या से आए महंत बलराम दास, रसड़ा बलिया से आए महंत कौशलेंद्र नाथ गिरि, हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत राजू दास, चौखड़ा नेपाल से आए नारायण नाथ योगी, महंत सूरज नाथ एवं हनुमानगढ़ी बलरामपुर के उत्तराधिकारी महंत महेंद्र दास ने भी ब्रह्मलीन महंत के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम मेें तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, सदर विधायक पल्टूराम, पूर्व सांसद दद्दन मिश्र एवं पूर्व विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।
-शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर में ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी के पुण्यतिथि पर आयोजित संत सम्मेलन एवं श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी शामिल होना था। सीएम के आगमन को लेकर मंदिर परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए थे।
आला अधिकारी भी सुबह से शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पहुंच कर तैयारियों का जायजा लेने में जुटे थे। लेकिन दोपहर बाद शुरू हुई बारिश से बिगड़े मौसम के कारण मुख्यमंत्री का दौरा रद्द हो गया। मुख्यमंत्री ने फोन पर मंदिर के पीठाधीश्वर मिथलेश नाथ योगी से बात कर ब्रह्मलीन महंत के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।