बलरामपुर। बारिश की शुरुआत में राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर व पहाड़ी नालों की बाढ़ ने बचाव के लिए कराए गए कार्यों की पोल खोल दी है। पिछले वर्ष जिले के 388 गांवों को बाढ़ की त्रासदी झेलनी पड़ी थी। इस साल जिले को बाढ़ से बचाने के लिए नौ परियोजनाओं पर शासन ने 23 करोड़ 49 लाख रुपये से काम कराया है। लेकिन ग्रामीण बाढ़ खंड द्वारा कराए गए काम को आधा-अधूरा बता रहे हैं। गैसड़ी के पूर्व विधायक ने भी अधिकारियों पर बिना काम कराए ही भुगतान कराने का आरोप लगाते हुए बाढ़ से बचाव कार्यों की पोल खोल दी है।
गैसड़ी के पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू ने सिंचाई व जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता को पत्र भेजा है। इसमें पूर्व विधायक ने गैसड़ी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव में बिना काम कराए ही बजट खर्च करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
जिले में हुए बाढ़ रोधी कार्य
बूढ़ी राप्ती नदी के तट पर मधवानगर खादर गांव के पास दो स्थानों पर एक करोड़ 95 लाख 31 हजार रुपये से कटानरोधी कार्य कराया गया है। साईडीह गांव के पास कटान रोकने के लिए एक करोड़ 87 लाख 59 हजार रुपये से काम हुआ है। पैगापुर गांव के निकट लूप कटिंग पर दो करोड़ 44 लाख 88 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। जगतापुर खैरहनिया के निकट कटानरोधी कार्य पर तीन करोड़ चार लाख 51 हजार खर्च हुआ है। करमहना-भोजपुर तटबंध पर भोजपुर गांव के पास एक करोड़ 47 लाख तीन हजार रुपये, हरबसपुर गांव के निकट चार करोड़ 94 लाख 90 हजार रुपये व रेवारी गांव में करमहना तटबंध पर कटानरोधी कार्य पर तीन करोड़ 11 लाख 35 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इसी तरह घोसियार में तटबंध मरम्मत पर दो करोड़ 58 लाख 16 हजार रुपये व मनियरिया में बलरामपुर- भड़रिया तटबंध पर दो करोड़ छह लाख 16 हजार रुपये से बचाव कार्य कराया गया है।
बाढ़ से बचाव कार्य के लिए विभाग जहां 23 करोड़ 49 लाख रुपये खर्च करने का दावा कर रहा है। वहीं ग्रामीण राजेश कुमार, छोटकऊ, रामनरेश, दीपक, रिजवान, छोटे लाल, राजू व सरफराज आदि का कहना है कि विभाग द्वारा कराए गए कार्य से बाढ़ रुकने वाली नहीं है। सही ढंग से काम न कराए जाने का खामियाजा बाढ़ के समय हम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
कटान से पूरी तरह सुरक्षित हैं सभी क्षेत्र
जिले में इस साल बाढ़ से बचाव के लिए नौ परियोजनाओं पर 23 करोड़ 49 लाख रुपये से काम कराया गया है। इन सभी स्थलों पर हुए कार्य के बाद गांव कटान से पूरी तरह सुरक्षित हो गए हैं। पूर्व विधायक के शिकायत के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।
- जेके लाल, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड