बलरामपुर। आनलाइन शिकायतों के निस्तारण में आख्या का खेल करने वाले अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बिना शिकायत करने वाले बात किए ही आख्या देने वाले अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश देते हुए लिखित स्पष्टीकरण भी तलब किया है। इसमें ज्यादातर शिकायतें राशन वितरण से जुड़ी बताई जा रहीं हैं।
आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की नियमित समीक्षा जिलाधिकारी स्वयं कर रहे हैं। शिकायतों के निस्तारण के फीडबैक की समीक्षा में सामने आया कि जनवरी माह में कुछ अधिकारियों ने तो बिना आवेदक से जानकारी किए ही घर बैठे समस्या का निस्तारण कर आख्या प्रस्तुत कर दी। इससे पीड़ित की शिकायत दूर नहीं हुई। कार्रवाई के घेरे में पूर्ति निरीक्षक उतरौला, पूर्ति निरीक्षक तुलसीपुर, पूर्ति निरीक्षक बलरामपुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी हरैया सतघरवा, सहायक श्रम प्रवर्तन अधिकारी बलरामपुर की जांच रिपोर्ट आई है।
इन अधिकारियों ने शिकायतों का निस्तारण मनमाने ढंग से किया है। शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही बरते जाने पर उपरोक्त अधिकारियों के एक दिन का वेतन रोके जाने एवं तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए जाने का निर्देश दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि सभी अधिकारी आवेदक से दूरभाष पर वार्ता करने के बाद ही शिकायत का निस्तारण अंतिम तौर पर करें। इसमें किसी भी प्रकार के लापरवाही क्षम्य में नहीं होगी।