रुपईडीह (गोंडा)। कौड़िया थाना क्षेत्र के चकईपुरवा बनगाई गांव में बुधवार की सुबह भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में हुए संघर्ष के बाद एक किशोर को पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया गया था। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। हत्या के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मगर परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस के मु़कदमे में धारा बढ़ाने का आश्वासन दिया। तब जाकर 20 घंटे बाद परिजनों ने किशोर का अंतिम संस्कार किया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।
गांव के ओम प्रकाश व रामजागे के बीच काफी दिनों से भूमि विवाद चल रहा था। इसके बाद ओमप्रकाश के घर की एक महिला ने मंगलवार की सुबह तकरीबन पांच बजे अपनी भैंस खोली दी थी। जो रामजागे के दरवाजे व खेत में चली गई। इसे लेकर दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इसमें रामजागे के बेटे राजकुमार समेत नौ लोग घायल हो गए थे। राजकुमार समेत घायलों को सीएचसी खरगूपुर ले जाया गया। जहां से राजकुमार को नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से आठ लोगों के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया था। बाद में रामजागे की तहरीर पर दर्ज मुकदमे में गैर इरादतन हत्या की धारा तरमीम कर दो आरोपियों ओमप्रकाश व नागेश्वर को गिरफ्तार कर लिया। मगर पोस्टमार्टम के बाद जब राजकुमार का शव गांव पहुंचा तो परिजन मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाने पर अड़ गए। पुलिस ने मौके की नजाकत भांपकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर 20 घंटे बाद अंतिम संस्कार किया गया। थानाध्यक्ष योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।