ललिया/बलरामपुर। अस्पतालों में चिकित्सकों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। सुबह 10 बजे तक डॉक्टर अस्पताल नहीं पहुंचते हैं, जिसके चलते मरीजों का दर्द और बढ़ जाता है। मरीज डॉक्टर के इंताजर में घंटों परेशान होते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा रविवार को जन आरोग्य मेले में दिखा। कहीं सुबह 10 बजे तक डॉक्टर की कुर्सी खाली रही तो कहीं चिकित्सक टाइम से पहले ही उठकर आवास पर चले गए।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में सुबह 10 बजे तक नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खलवा में डाॅक्टर नहीं पहुंचे। मरीज लक्ष्मण व संतोष ने बताया कि बुखार की दवा लेने आए हैं, लेकिन यहां डाॅक्टर नहीं हैं। अब मेमोरियल अस्पताल की इमरजेंसी में इंजेक्शन लगवाने जा रहे हैं। इसी तरह पप्पू, ठाकुर व सतीश भी बिना दवा लिए ही लौट गए।
दोपहर तीन बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मथुराबाजार में डॉ. रजत शुक्ला की कुर्सी खाली मिली। यहां चीफ फार्मासिस्ट अब्ते हसन जैदी मरीजों का उपचार करते मिले। उन्होंने बताया कि मेले में 26 मरीजों का इलाज कर उन्हें दवा दी जा चुकी है। डॉक्टर अभी उठकर अपने आवास पर गए हैं। कठौवा गांव से इलाज कराने आए शिवकुमार वर्मा ने बताया कि रात से पेट में दर्द हो रहा है, फार्मासिस्ट ने दवा दी है। लैब अटेंडेंट नियाज अहमद ने बताया कि अस्पताल में बुखार व टीबी वाले आठ मरीजों की जांच की गई है। मेले में स्टाफ नर्स जय प्रकाश ने मरीजों का सहयोग किया।
चिकित्सकों से ली जाएगी जानकारी
सभी चिकित्सकों को समय से मेले में उपस्थित होकर मरीजों का उपचार करने का निर्देश दिया गया है। अनुपस्थित मिले चिकित्सकों से समय पर अस्पताल न आने की जानकारी ली जाएगी।
- डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ