बलरामपुर। एमएलके महाविद्यालय में मंगलवार को अंग्रेजी विभाग के तत्वावधान में सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने 19वीं शताब्दी में भारत की स्थिति पर विचार व्यक्त किया गया।
सेमिनार का शुभारंभ करते हुए प्रभारी प्राचार्य प्रो. पीके सिंह ने कहा कि उन्नीसवीं शताब्दी में भारत ब्रिटेन का एक उपनिवेश था। उन्नीसवीं शताब्दी में पश्चिमी यूरोप औद्योगिकीकरण के कारण लगातार आर्थिक विकास कर रहा था। उस समय भारत के कारीगर उपनिवेशवादी नीतियों के कारण मजदूर तथा किसान बन रहे थे। भारतीय के कच्चे माल एवं संसाधन का उपयोग कर ब्रिटेन विश्व का एक शक्तिशाली राष्ट्र बन चुका था।
विभागाध्यक्ष डाॅ. आरके शुक्ल ने महान अंग्रेजी कवि तथा साहित्यकार एलफरेड लार्ड के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। विभागाध्यक्ष ने विक्टोरियन युग के बारे में छात्रों को जानकारी दी। कहा कि वे उन्नीसवीं शताब्दी में अंग्रेजी में लिखने वाले भारतीय साहित्यकारों द्वारा रचित रचनाओं का भी अध्ययन करें। विशिष्ट अतिथि एपी पांडेय ने विचार व्यक्त किए।
इससे पहले कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर आकांक्षा पांडेय, अंजलि मौर्या तथा पिंकी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। संचालन अभय नाथ ठाकुर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. बीएल गुप्ता ने किया। इस मौके पर शिक्षाशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. दिनेश मौर्य एवं अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. शिवानंद पाण्डेय सहित अन्य मौजूद थे।
इकरा बानो को मिला पहला स्थान
एमएलके महाविद्यालय में अंग्रेजी विभाग के सेमिनार में आयोजित प्रतियोगिता में रचित शुक्ला, गौरी मिश्रा, अनन्या, विश्वजीत, इकरा बानो, प्रतिभा यादव, मंजू पाण्डेय, दीपशिखा आदि ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में प्रथम पुरस्कार बीए तृतीय सेमेस्टर की इकरा बानो को मिला।