बलरामपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दो दिवसीय दौरे पर सोमवार शाम बलरामपुर पहुंचे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने पचपेड़वा के इमिलिया कोडर में नवनिर्मित थारू संग्रहालय का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह एवं समाज कल्याण व अनुसूचित जाति राज्यमंत्री संजीव कुमार गौड़ के साथ थारू जनजाति की वस्तुओं से सजी प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए नवनिर्मित संग्रहालय का भ्रमण भी किया। इसके बाद जनसभा को संबाेधित किया।
जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि थारू समाज का जंगल से लगाव होने के साथ ही अपनी जड़ों से जुड़ाव रहा है। थारू समाज शुरू से ही जल, जमीन और जंगल की सुरक्षा करता आ रहा है। अगर थारू समाज की तरह पूरी दुनिया पर्यावरण और पेड़ों की सुरक्षा करती तो आज ग्लोबल वार्मिंग की समस्या नहीं होती। थारू जनजाति से हम सीखें कि पर्यावरण को कैसे संरक्षित करना है। कहा- यह संग्रहालय उत्तर प्रदेश के साथ ही देश-विदेश की युवा पीढ़ी को थारू संस्कृति से रूबरू कराएगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि पर भारत रत्न नानाजी देशमुख ने इमिलिया कोडर में थारूओं के विकास के लिए जो नींव रखी थी वह आज विरासत के रूप में हमें मिली है। यहां बना संग्रहालय थारूओं की कला, संस्कृति व परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा- सरकार ने थारू जनजाति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिले के पांच वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम बनाते हुए सीसी व इंटरलाकिंग सड़कों से जोड़ा है। अब इन गांवों में रहने वाले निराश्रित, विधवा, बुजुर्ग व दिव्यांगजन को पेंशन के साथ राशन कार्ड व आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा।
संग्रहालय में सीएम ने थारू जनजाति द्वारा प्रयोग किए जाने वाले पारंपरिक सामान, खेती में प्रयोग किया जाने वाले स्वनिर्मित यंत्र एवं थारू महिलाओं के प्राचीन परिधान आदि का अवलोकन किया। कार्यक्रम में थारू जनजाति के लोगों ने पारंपरिक नृत्य व लोकगीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया। इससे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी, सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाशनाथ शुक्ल, उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा, श्रावस्ती के जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र, पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू, नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू, भाजपा जिला प्रभारी त्रयंबक तिवारी, जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह व कार्यक्रम संयोजक रामकृपाल शुक्ल आदि ने मुख्यमंत्री का माल्यार्पण कर स्वागत किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री हेलीकाॅप्टर से तुलसीपुर के भवनियापुर पहुंचे। वहां हेलीपैड पर उतरने के बाद वह कार से शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पहुंचे। वहां जनप्रतिनिधि व अधिकारियों संग उन्होंने जिले के विकास कार्यों पर चर्चा की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव (संस्कृति) मुकेश कुमार मेश्राम, मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्र, डीआईजी अमरेंद्र प्रसाद सिंह, डीएम अरविंद कुमार सिंह, एसपी केशव कुमार, सीडीओ संजीव कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने बीते दिनों गीता प्रेस को मिले सम्मान पर टिप्पणी करने वाले कांग्रेस के पूर्व मंत्री पर निशाना साधा। कहा- सनातन धर्म की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने वाले सबसे बड़े धार्मिक प्रकाशन गीता प्रेस गोरखपुर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधी शांति पुरस्कार के लिए चुना है। सौ साल से गीता प्रेस हिंदू संस्कृति व सनातन धर्म की सेवा कर रही है। स्वयं को एक्सीडेंटल हिंदू कहने वाले लोगों के वंशज गीता प्रेस को मिले इस सम्मान को पचा नहीं पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलरामपुर जिला तेजी से विकास की तरफ अग्रसर है। छह साल पहले यह आकांक्षी जनपदों की सूची में शामिल होने के कारण काफी पिछड़ा माना जाता था। अब सड़क, रेल, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई व पेयजल के क्षेत्र में तेजी से विकास होने के कारण आकांक्षात्मक से छलांग लगाते हुए बलरामपुर विकासशील जिला बनने की तरफ अग्रसर है। बलरामपुर में पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी के नाम पर केजीएमयू सेटेलाइट सेंटर तथा श्रावस्ती में हवाई अड्डे के संचालन की तैयारी चल रही है। साथ ही इसी कमिश्नरी में विश्वविद्यालय के निर्माण को भी मंजूरी मिल चुकी है।
बलरामपुर के विकास में राजपरिवार के योगदान को सराहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मां पाटेश्वरी की इस धरा को महाराजा बलरामपुर ने नेतृत्व देकर विकास के पथ पर अग्रसर किया था। वर्ष 1949 में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भी बलरामपुर राजपरिवार के साथ यहां के लोगों ने ही आंदोलन को आगे बढ़ाया था।
मुख्यमंत्री ने कहा- भारत अब बदल चुका है। भारत को पूरा विश्व सम्मान की दृष्टि से देखता है। बीते दिनों कई देशों के दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला सम्मान सभी ने देखा है। वैश्विक मंच पर कोई भी आपात स्थिति उत्पन्न होने पर पूरी दुनिया भारत की तरफ मदद के लिए देखती है। प्रधानमंत्री के प्रयास से ही 21 जून को विश्व के 200 देश योग दिवस मनाएंगे।