बलरामपुर। नगर निकायों के परिणाम ने सभी को चौंका दिया है। भाजपा के खाते में अध्यक्ष की तीन सीटें जरूर आई हैं, लेकिन दो सीटों पर हार की कसक बनी हुई है। जिस गैसड़ी विधानसभा सीट की हार का जिक्र मुख्यमंत्री ने करते हुए निकाय चुनाव में जीत की अपील की थी, वहां पर भाजपा फिर हार गई। गैसड़ी को पहली बार नगर पंचायत का दर्जा मिला था। यहां पर सबसे अधिक 61.79 प्रतिशत मतदान भी हुआ।
भाजपा से टिकट न मिलने के बाद निर्दलीय मैदान में उतरे प्रिंस कुमार ने जीत हासिल कर कई दिग्गजों की साख को प्रभावित किया है। चाहे वह भाजपा के पूर्व विधायक शैलेश प्रताप सिंह शैलू हों या सपा विधायक डॉ. एसपी यादव। वैसे भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह कहते हैं कि यहां पर हमसे कहां चूक हुई, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
तुलसीपुर नगर पंचायत का अपना अलग महत्व है। यहां पर इस चुनाव में कुल 18 उम्मीदवार थे। यहां फिर निर्दलीय के तौर पर कहकशां ने जीत हासिल की है। वर्ष 2022 में उनके पति फिरोज खान उर्फ पप्पू की हत्या कर दी गई थी। इसका आरोप पूर्व सांसद रिजवान जहीर समेत छह लोगों पर है। इस चुनाव में सहानुभूति मिलने की बात भाजपा नेता कर रहे हैं। वैसे बागियों ने भी यहां पर भाजपा की राह में कम मुश्किल नहीं पैदा की। सपा व बसपा के नेता परिणाम पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।