बलरामपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय इमिलिया में पपेट से पढ़ाती शिक्षिका रेशू मिश्रा।
बलरामपुर। एक तरफ जहां निजी स्कूलों में भारी भरकम फीस देकर अभिभावक अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा दे रहे हैं वहीं, जिले के ऐसे परिषदीय विद्यालय भी हैं जहां शिक्षक अपनी मेहनत पढ़ाने के दिलचस्प तरीकों से गांवों के नौनिहालों को निजी स्कूलों की भांति उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद वे बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे हैं औ निजी स्कूलों को टक्कर दे रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ऐसे स्कूलों को मॉडल बनाकर दूसरे परिषदीय स्कूलों को इससे प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। बीएसए कल्पना देवी व डीआईओएस गोविंद राम ने बताया कि ऐसे शिक्षकों से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। बच्चों को शिक्षित बनाने में सहयोग करने वाले शिक्षक सम्मान के योग्य हैं।
तकनीकी ज्ञान के साथ खेलकूद के लिए भी कर रही प्रेरित
सदर शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय इमिलिया में कक्षा छह से आठ तक की शिक्षण व्यवस्था का जिम्मा शिक्षिका रेशू मिश्रा के ऊपर है। एकल शिक्षिका होने के बावजूद वे अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। बच्चों को तकनीकी ज्ञान के साथ खेलकूद के प्रति भी प्रेरित कर रही हैं। यहां पर सभी कक्षाओं में बच्चे निपुण होकर कुशलता में निजी स्कूलों भी को मात दे रहे हैं। शिक्षिका के प्रयास, नवाचार व मेहनत को देखते हुए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित भी किया जा चुका है।
बच्चों को आसान लगने लगी गणित
इसी तरह श्रीदत्तगंज शिक्षा क्षेत्र में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय महोलिया में तैनात शिक्षक राजेश कुमार यादव अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं। गणित भाषा से जहां पहले बच्चे दूर भागते थे वहीं, इनके पढ़ाने से बच्चों को गणित के सवाल आसान लगने लगे हैं। राजेश का कहना है कि खेल-खेल में पढ़ाई कराने से बच्चों का मन लगने लगा है। अब विद्यालय के सभी बच्चे गणित विषय में सबसे अधिक रुचि लेने लगे हैं।
विज्ञान के प्रति बढ़ा रहे रुचि
परिषदीय स्कूलों के अलावा माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षक अपनी रचनात्मक शिक्षा से अलग पहचान बनाए हुए हैं। उतरौला में स्थित एमवाई उस्मानी इंटर कॉलेज के शिक्षक अजय कुमार वर्मा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। इन्हीं का पढ़ाया हुआ एक छात्र इसरो में काम कर रहा है। मिशन चंद्रयान - 3 में छात्र की भागीदारी पर गदगद अजय ने बताया कि विज्ञान काफी रोचक विषय है। ऐसे गरीब विद्यार्थी जो पढ़ाई पूरा करने में असमर्थ हैं, उन्हें आर्थिक मदद देकर शिक्षा ग्रहण करने में सहायता भी करते हैं।