बलरामपुर। तमाम कोशिशों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों की बदहाली दूूर नहीं हो पा रही है। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में भी मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मेले को अव्यवस्था की बीमारी लग गई है। चिकित्सक कुर्सी छोड़कर गायब रहते हैं। अस्पताल में पैथालॉजी संचालित न होने से मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बेड न होने के कारण मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। सर्दी-खांसी व बुखार के मरीजों को डॉक्टर सामान्य दवा देकर चलता कर देते हैं।
सिर्फ चार मरीजों का हुआ उपचार
दोपहर 1.15 बजे पीएचसी मणिपुर सहिजना में डॉ. पवन कुमार गुप्ता ओपीडी करते दिखे। अब तक यहां चार मरीज ही देखे गए थे। दवा लेकर लौट रहे आंधी व विजय कुमार ने बताया कि अस्पताल में बुखार की जांच नहीं होती है। डॉक्टर ने बुखार व कमजोरी वाले मरीज को एक ही तरह की दवा दी है। आनंद व कलीमुन ने बताया कि पेट दर्द का इलाज कराने आए हैं, डॉक्टर ने दवा देकर अल्ट्रासाउंड बाहर से कराने को कहा है।
फार्मासिस्ट कर रहे इलाज
दोपहर 2.10 बजे, पीएचसी कौवापुर में चिकित्सक की कुर्सी खाली मिलीं। फार्मासिस्ट रामतीरथ मरीजों को दवा दे रहे थे। फार्मासिस्ट ने बताया कि अब तक 22 मरीजों का इलाज हो चुका है। डॉक्टर कहां हैं, इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
नहीं चढ़ाई ड्रिप, कर दिया रेफर
दोपहर 11.45 बजे डॉ. समीर वर्मा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अचलापुर में ओपीडी करते मिले। मरीज लेकर वापस जा रहे संतोष ने बताया कि छोटे भाई को रात से उल्टी-दस्त हो रहे हैं, लेकिन उसे ड्रिप नहीं चढ़ाई गई। डॉक्टर ने मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। चिकित्सक ने बताया कि बेड न होने के कारण मरीज को रेफर किया गया है।
कराई जाएगी जांच
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले में मरीजों को सभी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश अधीक्षकों को दिया गया है। डॉक्टर के गायब रहने व मरीज को ड्रिप न चढ़ाए जाने के संबंध में जांच कराई जाएगी।
- डॉ. सुुशील कुमार, सीएमओ