बलरामपुर। पहले सूखा, बाद में बाढ़ की मार झेल चुके किसानों के सामने अब एक और संकट खड़ा हो गया है। साधन सहकारी समितियों से खाद नहीं मिल पाने के कारण किसान परेशान हैं। उन्हें निजी दुकानों पर महंगे दाम पर खाद लेनी पड़ रही है। ये बात अलग है कि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में खाद की कोई समस्या नहीं है।
रेहरा बाजार की सहकारी साधन समिति में डीएपी, एनपीके व यूरिया नहीं है। किसान नेता राम उग्रह वर्मा ने बताया कि इस समय सरसों, मटर के साथ ही शरदकालीन गन्ने की बोआई का सीजन है। इसके लिए डीएपी व एनपीके खाद की आवश्यकता है। इसके बाद भी समितियों पर खाद नहीं है।
किसान साहू ने बताया कि समितियों पर खाद न होने के कारण दुकानदार मनमानी कीमत वसूल रहे हैं। किसान पहलवान का कहना है कि पहले साधन सहकारी समिति मुबारकपुर, परसिया व रामपुर अरना में खाद मिलती थी, अब वहां ताला लटक रहा है। किसान रामरूप, राम नेवास, रामराज व बरसाती ने साधन सहकारी समितियों में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि जिले में उर्वरक की कोई कमी नहीं है। यूरिया, डीएपी व एनपीके पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यूरिया 27500 मीट्रिक टन (एमटी) लक्ष्य के सापेक्ष 19893 मीट्रिक टन, डीएपी 7050 एमटी के सापेक्ष 3311 एमटी और एनपीके 2100 एमटी के सापेक्ष 1327 एमटी उपलब्ध है। इसी तरह एमओपी 600 के सापेक्ष 144 एमटी तथा एसएसपी 14600 के सापेक्ष 8252 एमटी जिले में उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को अब तक 2679 एमटी यूरिया, 1059 एमटी डीएपी, 124 एमटी एनपीके, 15 एमटी एमओपी तथा 1514 एमटी एसएसपी का वितरण किया जा चुका है।