बलरामपुर। नाबालिग लड़की को अगवा करने के मामले में न्यायालय ने दोषी व्यक्ति को सात वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट पवन कुमार शुक्ल ने बताया कि 21 अप्रैल 2017 को एक व्यक्ति ने थाना गौरा चौराहा में तहरीर दी थी। इसमें बताया कि 20 अप्रैल 2017 को उसकी नाबालिग लड़की लापता हो गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लड़की को ढूंढ निकाला और उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया।
पुलिस ने विवेचना कर ग्राम भगोसर कोयलखार थाना गौरा चौराहा निवासी मुनव्वर को लड़की को अगवा करने का प्रथम दृष्टया आरोपी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने आठ लोगों की गवाही कराई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह ने मुनव्वर को दोषी करार दिया। न्यायाधीश ने मुनव्वर को सात वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।