शहर के मेन रोड स्थित एक कथित मेडिकल स्टोर में इलाज के नाम पर झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लापरवाही बरतने का गंभीर मामला सामने आया है। वार्ड क्रमांक 8 निवासी सुशीला एक्का ने सिटी कोतवाली बलरामपुर में लिखित शिकायत देते हुए आरोप लगाया है कि शम्भू मेडिकल स्टोर संचालक शम्भू विश्वकर्मा ने अपने आपको डॉक्टर बताकर उनके सात वर्षीय पुत्र को हाई डोज इंजेक्शन दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक, 24 सितम्बर की रात लगभग 8:30 बजे, सुशीला एक्का अपने पुत्र अनमोल एक्का (उम्र 7 वर्ष) को घुटने में घाव होने के कारण शम्भू मेडिकल स्टोर लेकर गई थीं। वहां मौजूद शम्भू विश्वकर्मा ने स्वयं को डॉक्टर बताते हुए टेक्सिम 500 एमजी का इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही बच्चा बेहोश हो गया।
इसके बाद शम्भू विश्वकर्मा स्वयं अपनी बाइक से बच्चे को जिला अस्पताल लेकर गया, जहां से स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने अम्बिकापुर रेफर कर दिया। परंतु इलाज के दौरान बच्चे को होश नहीं आया और उसकी मौत हो गई।
पीड़िता सुशीला एक्का ने बताया कि शम्भू विश्वकर्मा किसी प्रकार की मेडिकल डिग्री नहीं रखता और लंबे समय से मेडिकल स्टोर की आड़ में झोलाछाप तरीके से इलाज कर रहा है। उन्होंने थाना प्रभारी को आवेदन सौंपकर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कठोर दंडात्मक कार्यवाही की मांग की है।
सुशीला एक्का अनुसूचित जनजाति वर्ग से आती हैं और अत्यंत गरीब आदिवासी महिला हैं। उनका कहना है कि इस तरह की लापरवाही से किसी और गरीब का बच्चा न मरे, इसलिए आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। इस पूरे मामले में अब तक कोई आधिकारिक एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं, इसकी पुष्टि पुलिस विभाग द्वारा नहीं की गई है।
हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है और प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग उठ रही है। सीएमएचओ डॉ बसंत सिंह ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।