बलरामपुर। बीमा अभिकर्ता वसीम की हत्या की घटना के बाद से पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। शहर के भीड़-भाड़ वाले गदुरहवा मोहल्ले में जिस जगह पर वारदात हुई है, वह बलुहा चौकी में लगता है। लेकिन, वारदात स्थल से पूरबटोला पुलिस चौकी की दूरी मात्र 500 मीटर है। चौकी के निकट दिन दहाड़े हुई हत्या से इलाके में सनसनी फैल गई।
दरअसल, बुधवार की दोपहर बीमा अभिकर्ता वसीम की गोली मारकर हत्या करने के बाद यहां का माहौल बदल गया। खुली दुकानों के शटर गिर गए। बाजार में सन्नाटा पसर गया। पुलिस कर्मियों की आवाजाही तेज हो गई। घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर वसीम के घर पर लोगों का आना जाना लगा हुआ था। हर कोई बहराइच गए अयूब से वसीम के बारे में जानकारी करने में लगा हुआ था। शाम सात बजे तक परिजनों को वसीम के मौत की जानकारी नहीं थी। सिर्फ हालत गंभीर होने की बात कही जा रही थी। यह बात अलग है कि मोहल्ले में पुलिस बल लगा दिया गया है।
वसीम के पिता लगाते हैं ठेला
मृतक वसीम की अभी शादी नहीं हुई थी। उसके पिता अब्दुल मजीद दिव्यांग है। वह ठेला लगाकर जीवन यापन करते हैं। वसीम के एक भाई व एक बहन है। वारदात की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे भाजपा नेता डीपी सिंह ने ढांढस बंधाया।
फोरेंसिक टीम ने लिए नमूने
गोलीकांड की सूचना के बाद फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर जानकारी हासिल की। बाद में एसपी विकास कुमार, एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। इससे पहले मेमोरियल अस्पताल में लोगों की भीड़ रही।