बलरामपुर। स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना में बड़े पैमाने पर घपला सामने आया है। पांच करोड़ 40 लाख से 115 केंद्रों में काम होने थे।
इसकी जिम्मेदारी पैक्सफेड संस्था को मिली थी। संस्था की ओर से चार करोड़ 92 लाख के खर्च का ही हिसाब दिया गया, लेकिन 48 लाख रुपये के खर्च का ाब्योरा तीन साल से नहीं दे रही है। अब संस्था को ब्लैकलिस्टेड कर रिकवरी की तैयारी है।
निर्माण कार्यों में पैक्सफेड संस्था की कारगुजारियां हमेशा चर्चा में रही हैं। एक बार फिर उसका कारनामा सामने आया है। स्वास्थ्य केंद्रों को हेल्थ वेलनेस सेंटर के लिए रूप में विकसित करने के काम में संस्था ने जमकर मनमानी की।
साल 2019- 20 में संस्था को 95 केंद्रों के निर्माण का काम मिला, जिसमें अभी भी 19 केंद्रों के काम अधूरा पड़ा है। वहीं, साल 2020-21 में 20 केंद्रों के निर्माण का काम भी संस्था को साैंप दिया गया।
इसमें दस केंद्रों का काम संस्था ने अधूरा छोड़ रखा है। इससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। यही नहीं, एक तो संस्था ने कार्य पूरे नहीं कराए, ऊपर से जो बजट खर्च किया गया उसका हिसाब देने में आनाकानी कर रही है। अब संस्था के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
सेंटरों पर मरीजों को ये सुविधाएं हैं मिलनी
हेल्थ वेलनेस सेंटर पर आम लोगों को कई तरह की सुविधाएं मिलनी हैं। हेमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, पेशाब द्वारा गर्भ की जांच, अल्बोमिन व ग्लूकोज की जांच, मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, बलगम, टाइफाइड आदि की जांच की सुविधा होगी। इसके अलावा गर्भावस्था एवं शिशु जन्म देखभाल, नवजात एवं शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य देखभाल, संचारी रोगों का प्रबंधन, साधारण बीमारियों का उपचार, परिवार नियोजन, गर्भनिरोधक और प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल के अलावा गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, रेफरल और फाॅलो-अप की व्यवस्था भी इन केंद्रों पर होगी।
जिलाधिकारी ने दिए संस्था को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश
हेल्थ वेलनेस सेंटर के निर्माण में 36 लाख के घपले का मामला जिलाधिकारी के पास पहुंच चुका है। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कार्य अधूरे होने और राशि का उपभोग प्रमाण पत्र न देने पर जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने नोटिस जारी कर संस्था को ब्लैकलिस्ट करने का निर्देश दिया है। अब स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई में जुटा है। माना जा रहा है कि राशि की रिकवरी भी संस्था से होगी। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. मुकेश कुमार रस्तोगी के अनुसार, लापरवाही की जांच कराई जा रही है। अधूरे कार्य को पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। दोषी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।