बलरामपुर। जीवन का सच्चा सुख सत्संग से प्राप्त होता है। सत्संग और ईश्वर ध्यान के बिना मानव को मोक्ष नहीं मिल सकता है। भौतिक साधन क्षणिक सुख दे सकते हैं, लेकिन सच्चा सुख सत्संग से ही मिलता है।
ये बातें श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण (भ्रमणशील मंडल) में शामिल श्री महंत महेश्वरदास महराज ने रविवार को उदासीन संगत गेल्हापुर मंदिर में आयोजित संत सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए कहीं। उदासीन संगत गेल्हापुर के महंत बृजानंद महराज ने कहा कि सत्संग के बिना ज्ञान नहीं मिल सकता है। सच्चे ज्ञान और शांति के लिए सत्संग और ईश्वर का ध्यान जरूरी है।
महंत दुर्गादास महराज एवं महंत अद्वेतानंद महराज ने कहा कि मनुष्य थक-हारकर फिर से भौतिक साधनों में डूबकर शांति खोजने का प्रयास करता है। यह क्रिया तब तक उसे परेशान करती है, जब तक वह प्रभु का स्मरण नहीं करता है।
संत सम्मेलन में कोठारी शंकरदास, अनुजमुनि, दानमुनि, पुजारी देवमुनि, राममुनि, भाजपा अवध क्षेत्र के सह संयोजक विनय कुमार मिश्र, गोमती प्रसाद त्रिपाठी, मानवेंद्र पांडेय, शशिकांत त्रिपाठी आदि मौजूद रहे। भाजपा नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन निर्वाण (भ्रमणशील मंडल) में शामिल सभी संत-महंतों को वस्त्र भेंटकर स्वागत किया और उनका आशीर्वाद लिया। श्री महंत महेश्वर दास महराज एवं उदासीन संगत गेल्हापुर के महंत बृजानंद महराज ने राम नामी पट्टिका पहनाकर भाजपा नेता को सम्मानित किया।