बलरामपुर। परिषदीय स्कूलों में संस्कृत शिक्षा की पढ़ाई को बेहतर बनाने की कवायद शुरू हुई है। इसके तहत जिले के एक डायट प्रवक्ता व प्राथमिक विद्यालय धुसाह प्रथम के दो शिक्षकों का प्रशिक्षण के लिए राज्य हिंदी संस्थान वाराणसी में भेजा डाएगा। दो दिवसीय यह प्रशिक्षण 30 अक्तूबर से शुरू होगा।
इससे परिषदीय विद्यालयों के बच्चे अपने गुरुजी को गुड मार्निंग या नमस्ते के साथ ही अभिवादनम् श्रीमन भी कह सकेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत अब बच्चों की संस्कृत में पढ़ाई पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के लिए डायट प्रवक्ता चंद्रमनि मिश्र के साथ ही सहायक अध्यापक देवेश मिश्र व जयशेखर को प्रशिक्षण के लिए नामित किया गया है। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को संस्कृत किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। 27 सामग्री से ‘संस्कृत किट बाल-संस्कृत-मंजूषा '' तैयार की है।
डायट प्राचार्य हिफर्जुरहमान ने बताया कि संस्कृत किट से बच्चों को शिक्षक संस्कृत की पढ़ाई कराएंगे। किट के माध्यम से नमस्ते नमामि, नौमी आदि शब्दों का प्रयोग करवाना सिखाया जाएगा। इसी तरह प्रतिज्ञा, बालगीतम्, बालकथा, परिवेशीय चर्चा, फ्लैशकार्ड वैलक्रोपट्टी, आओ मित्र, जोड़ें चित्र, शब्दों से वर्ण की ओर, संस्कृत शब्द निर्माण, मम कुटुम्ब अहम् अस्मि, बालजगत्, प्रश्नवाचक शब्दा और सुभाषितानी भी संस्कृत किट में रहेंगे।