तुलसीपुर (बलरामपुर)। तहसील सभागार में जनपद स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम डॉ. महेंद्र कुमार व एसपी केशव कुमार ने जन समस्याओं की सुनवाई की। इस दौरान कुल 46 शिकायतें आईं, इसमें से छह का निस्तारण मौके पर किया गया। शेष के निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
जन सुनवाई के दौरान गोद में दो साल के बच्चे को लेकर पहुंची पचपेड़वा की रूबिया खातून ने बताया कि उसकी शादी तुलसीपुर में हुई थी। जब वह गर्भवती थी, तभी ससुरालीजनों ने दहेज के नाम पर दो लाख रुपये न मिलने पर उसे एक साल पहले घर से भगा दिया था। अब उसकी गोद में दो माह का बच्चा भी है। अब वह क्या करें। एसपी ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया। गैसड़ी के लठावर निवासी मैनुद्दीन ने बताया कि उसकी जमीन को नहर विभाग ने 19 साल से बंधक बना रखा है। डीएम ने तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। बिजुलिया निवासी जगदीश ने बताया कि उसके घर जाने का रास्ता बंद कर दिया गया है। वर्ष 2019 से वह चक्कर काट रहा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उतरौला में एडीएम प्रदीप कुमार व एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव ने जन शिकायतों की सुनवाई की। यहां पर 20 में से एक का निस्तारण मौके पर किया गया। सदर तहसील में एसडीएम राजेंद्र बहादुर ने 29 में से तीन शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया।
अपडेट नहीं मिला टीकाकरण रजिस्टर
डीएम डॉ. महेंद्र कुमार ने तुलसीपुर के ग्राम पिपरहवा में टीकाकरण सत्र का जायजा लिया। पिछले सत्र में कितने बच्चों एवं गर्भवतियों की जांच व टीकाकरण किया गया, इसकी जानकारी रजिस्टर में अपडेट नहीं मिली। डीएम ने दवाइयों व किट की उपलब्धता को देखा और चेकलिस्ट से मिलान किया। सीएमओ डाॅ. सुशील कुमार, अधीक्षक डॉ. सुमंत, यूनिसेफ की शिखा श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
साहब, वरासत करवा दीजिए
परसा पलइडीह गांव की दीपमाला ने शिकायत की कि पांच वर्ष पूर्व ससुर की मौत हो गई थी। एक साल पहले पति का भी निधन हो गया। पांच छोटे-छोटे बच्चे हैं, लेकिन आज तक वरासत नहीं हो सकी है। साहब हमारी वरासत करा दीजिए। डीएम ने लेखपाल को तत्काल कार्रवाई के लिए कहा।
नहीं मिल रहा आवास
मुख्यमंत्री आवास के लिए पहुंचे जय प्रकाश ने बताया कि उसने आवास के लिए आवेदन किया। सारे कागज लगा दिए लेकिन जांच कर रहे अधिकारियों के कारण उसे आवास नहीं मिल रहा है। सोनपुर धुत्तकहवा की सुमित्रा का दर्द था कि जमीन बैनामा कराने के बाद भी कब्जा नहीं मिल रहा है।