बलरामपुर। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले डीएसओ सहित 11 अफसरों का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर रणनीति भी तैयार की गई है। अब सप्ताह में तीन दिन डीएम जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करेंगे।
जनशिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद अब प्रशासन सख्ती के मूड में आ गया है। इसके लिए रणनीति बनाई गई है कि किसी भी अधिकारी के पास कोई भी मामला निस्तारण के लिए लंबित न रहे, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाय।
डीएम डॉ. महेंद्र कुमार माह के प्रत्येक सप्ताह सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को आईजीआरएस पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा करेंगे। इसमें अगर किसी भी अधिकारी के स्तर पर एक भी प्रकरण डिफाॅल्टर की श्रेणी में मिलता है तो संबंधित अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। अगर माह में लगातार तीन बार किसी भी अधिकारी का प्रकरण डिफाॅल्टर की श्रेणी में आता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी जाएगी।
डीएम ने समीक्षा में जन शिकायतों के डिफाॅल्टर मिलने पर जिला पूर्ति अधिकारी, सीएमओ, महिला अस्पताल की सीएमएस, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, अधिशासी अभियंता उप्र ग्रामीण सड़क योजना, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग, जिला उद्यान अधिकारी, मंडी समिति सचिव, अधिशासी अभियंता यांत्रिकी, उप खंड अधिकारी व स्टांप के सहायक महानिरीक्षक का 16 मई का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। साथ ही इन अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।