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राप्ति की कटान से कई गांवों पर मंडराया संकट

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फोटो-12-बलरामपुर के उतरौला तहसील क्षेत्र में राप्ती नदी की धारा में समाहित हो रहा खेत।-संवाद - फोटो : BALRAMPUR
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उतरौला (बलरामपुर)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांव राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कटान की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडराने लगा है। करीब 100 एकड़ कृषि योग्य भूमि कटकर नदी में समा चुकी है। कटान पीड़ितों ने शासन-प्रशासन से गांव तथा जमीन बचाने के लिए कटानरोधी उपाय शुरू कराने की मांग की है।
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विदित हो कि राप्ती नदी उतरौला तहसील क्षेत्र के एलेनपुर, फत्तेपुर, रुस्तमनगर, गोंदकोट, लालनगर बिरदा, मटियरिया कर्मा, मटियरियाडीह, बौरिहार, परसौना आदि गांवों के पास जलस्तर बढ़ने के कारण तेजी से कटान कर रही है। कटान पीड़ित शादाब खां ने बताया कि उनका घर एक बार कटकर नदी में समाहित हो चुका है। उन्होंने नदी से दूर हटकर घर बनवाया है मगर लगातार हो रही कटान के चलते अब दूसरा घर भी खतरे में है।
इसी तरह अतीक खां, अशोक कुमार, अबरार खां, दीपक, रामकुमार, अशफाक, घिस्से आदि ने बताया कि अभी तक इन गांवों में 100 एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि कटकर नदी में समाहित हो चुकी है। नदी कटान करते हुए तेजी से गांव की तरफ बढ़ रही है। इन लोगों ने बताया कि बाढ़ खंड विभाग बीते महीनों में करीब 24 करोड़ रुपये खर्च करके कटान रोधी कार्य करा चुका है। जहां ये कार्य कराया गया, वहां तो कटान नहीं हो रही है मगर अब नदी दूसरे स्थानों पर तेजी से कटान कर रही है। इन लोगों ने डीएम से कटान होने वाले स्थलों को चिह्नित कराकर वहां भी कटान रोधी कार्य कराने की मांग की है।
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एसडीएम उतरौला संतोष कुमार ओझा ने बताया कि राजस्व कर्मचारियों को नदी की कटान पर लगातार रखने का निर्देश दिया गया है। आवश्यक जगहों पर कटानरोधी कार्य भी कराए जा रहे हैं। (संवाद)
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