बलरामपुर। शहर को बाढ़ की तबाही से बचाने के लिए प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सुवांव नदी का विस्तार कर पाट को चौड़ा बनाने के साथ ही रिंग रोड को भी बाढ़ सुरक्षा के मानक के अनुरूप बनाया जाएगा। प्रशासन राप्ती नदी के किनारे एक तटबंध बनाने का प्रस्ताव भी तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को भेजेगा।
जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि जिले को बाढ़ से बचाने के लिए जरूरी तैयारियों को समय रहते पूरा किए जाने का निर्देश दिया गया है। बीते साल 2022 में जिले में आई बाढ़ की स्थिति काफी भयावह थी। बाढ़ का पानी शहर के बीच में स्थित वीर विनय चौराहे तक आ गया था। बाढ़ के पानी ने कलेक्ट्रेट से लेकर कई सरकारी विभाग व आधे शहर को अपनी चपेट में ले लिया था। शहरी के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी 350 गांव बाढ़ से घिर थे। इस तरह की आपदा से शहर को बचाने की तैयारी प्रशासन ने अभी से शुरू कर दी है। इसकी रोकथाम के लिए बीते दिनों डीएम की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन के एक बैठक भी हुई।
बाढ़ की आपदा से शहरी इलाकों को बचाने के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना में सुवाव नदी को विस्तारित किया जाना है। इसके लिए शहरी क्षेत्र में नदी के दोनों किनारों को 50- 50 मीटर तक बढ़ाया जाएगा। डीएम के निर्देश पर इसके लिए एसडीएम सदर राजेंद्र बहादुर ने नदी तट किनारे के अतिक्रमण को भी चिन्हित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रस्तावित कार्ययोजना में दुल्हनपुर जंगल से बिजलीपुर मंदिर तक 22 किमी लंबी रिंग रोड को बाढ़ से बचाव के मानक के अनुरूप तैयार कराए जाने पर सहमति हुई है। इसके लिए तय मार्ग को ऊंचा किया जाएगा ताकि बाढ़ आने पर रिंग रोड के आवागमन को बाधित होने से रोका जा सके। इसके साथ ही राप्ती नदी पर तटबंध भी शहर के किनारे बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन की स्वीकृति के लिए को भेजा जाएगा।