बलरामपुर। नगर निकायों के अध्यक्ष पद के लिए गुरुवार शाम को आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। वर्ष 2017 के सापेक्ष इस बार बलरामपुर व पचपेड़वा का आरक्षण बदल गया है। जबकि तुलसीपुर में एक बार फिर आधी आबादी पर ही भरोसा जताया गया है। आरक्षण सूची जारी होने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी भी बढ़ गई है।
जिले में वर्ष 2017 में चार नगर निकाय थे, लेकिन इस बार गैसड़ी ब्लॉक को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद पांच निकायों में चुनाव होगा। दिसंबर 2022 में जिले के पांचों नगर निकायों में अध्यक्ष पद को अनारक्षित कर दिया गया था। आरक्षण जारी होने के कुछ दिन बाद ही पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण का मामला फंसने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। न्यायालय के आदेश के बाद बृहस्पतिवार को नये सिरे से नगर निकायों के अध्यक्ष पदों के लिए आरक्षण सूची जारी की गई है।
वर्ष 2017 के चुनाव में बलरामपुर नगर पालिका परिषद के चेयरमैन की सीट सामान्य महिला की श्रेणी में थी। प्रस्तावित आरक्षण सूची में इस बार यह सीट अनारक्षित कर दी गई है। उतरौला नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद का आरक्षण एक बार फिर अनारक्षित वर्ग में है।
तुलसीपुर नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी एक बार फिर महिला वर्ग के लिए आरक्षित की गई है।
नगर पंचायत पचपेड़वा के अध्यक्ष का आरक्षण बदल गया है। इस बार इसे अनारक्षित वर्ग में शामिल किया गया है। पहली बार नगर पंचायत बनी गैसड़ी के अध्यक्ष का पद भी अनारक्षित वर्ग में है। प्रस्तावित आरक्षण सूची जारी होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। वैसे वर्ष 2022 में जारी की गई आरक्षण सूची में जिले की पांचों निकायों के अध्यक्षों को अनारक्षित रखा गया था।