बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की ऑनलाइन फीडिंग व गांव में ही प्रमाण पत्र बनाने के लिए तैनात पंचायत सहायक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। जिले के 794 गांवों में से 200 से अधिक पंचायत सहायकों को पांच-पांच माह का मानदेय भुगतान नहीं हो पाया है। मानदेय न मिलने से पंचायत सहायकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों को गांव में सभी सुविधाएं मुहैया हों, इसके लिए शासन की ओर से प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक की तैनाती की गई है। पंचायत सहायकों को आय, जाति व निवास प्रमाण पत्र बनाने, गोल्डन कार्ड बनाने व विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। ग्राम पंचायतों में विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारी संभालने के बाद भी इन लोगों को नियमित मानदेय का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कई ग्राम पंचायतों में तो 10-10 माह से मानदेय भुगतान बकाया है। आरोप है कि पंचायत सहायक जब पंचायत सचिव से मानदेय के संबंध में बात करते हैं तो वे उनसे अभद्रता करते हुए नौकरी से निकलवा देने की धमकी भी देते हैं।
कई बार दिया गया ज्ञापन
पंचायत सहायक यूनियन की जिला नेतृत्वकर्ता शिवानी गिरि ने बताया कि 200 से अधिक पंचायत सहायकों को तीन से 10 माह तक का मानदेय नहीं मिला है। गैसड़ी ब्लॉक के पिपरा की पंचायत सहायक रूपाली मिश्र, मझौली के पंचायत सहायक अमित कुमार पासवान का 12 माह, महादेव शिवपुर के पंचायत सहायक करिश्मा गुप्ता का पांच माह, सदर ब्लॉक के खगईजोत की पंचायत सहायक राधिका चौधरी का सात माह, सेवरहा के पंचायत सहायक मोनू जायसवाल का छह माह, दूल्हापुर बल्लीपुर के पंचायत सहायक शिवनंदन सहाय का सात माह, समदा के पंचायत सहायक मोहम्मद मकसूदुल हसन का पांच माह व सिरसिया की गीता देवी का तीन माह का मानदेय बकाया है।
शिवानी गिरि सहित सभी पंचायत सहायकों ने बताया कि मानदेय भुगतान को लेकर डीपीआरओ व संबंधित ब्लॉक के बीडीओ को कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। पंचायत सहायकों ने आक्रोश जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मानदेय भुगतान न हुआ तो हम लोग आंदोलन के लिए विवश होंगे।
पंचायत सचिव से मांगा जाएगा जवाब
पंचायत सहायकों का मानदेय ग्राम पंचायत निधि से दिया जाता है। इतने पंचायत सहायकों को मानदेय क्यों नहीं मिल रहा है, इस संबंध में संबंधित पंचायत सचिव से जवाब मांगा जाएगा। जल्द ही पंचायत सहायकों को मानदेय दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
- नीलेश प्रताप सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी बलरामपुर