बलरामपुर। अस्पताल आने वाले मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की कराई गई पड़ताल में जिले के पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को कायाकल्प अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। इन अस्पतालों को कायाकल्प अवार्ड के तहत एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अस्पतालों को स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। अस्पताल में मरीजों के बैठने की क्या व्यवस्था है, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता है या नहीं, पेयजल का क्या इंतजाम है, इन तमाम बिंदुओं की जांच बीते दिनों गुणवत्ता सलाहकार विभाग की टीम ने किया था। तीन चरणों में हुई पड़ताल के बाद बृहस्पतिवार को परिणाम जारी किया गया।
इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उतरौला को 74.86 प्रतिशत, श्रीदत्तगंज व गैसड़ी को 71.86 प्रतिशत तथा शिवपुरा व सादुल्लाहनगर को 71.43 प्रतिशत अंक मिले हैं। कायाकल्प अवार्ड के लिए चयनित किए गए इन अस्पतालों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि यह अच्छी पहल है। अन्य अस्पतालों को भी कायाकल्प अवार्ड दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
अन्य अस्पतालों के लिए बनेंगे रोल मॉडल
गुणवत्ता सलाहकार डॉ. अनामिका सिंह का कहना है कि कायाकल्प अवार्ड में जिला स्तरीय अस्पताल पहले ही सम्मानित हो चुके हैं। यहां तक कि एनक्वास अवार्ड भी मिल चुका है। सीएचसी स्तर पर पांच अस्पतालों को कायाकल्प अवार्ड मिला है। यह अन्य अस्पतालों के लिए रोल मॉडल बनेंगे। अन्य अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा।