बलरामपुर। धान की नर्सरी को लेकर जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने किसानों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। किसानों को धान की नर्सरी डालने का तरीका बताते हुए खेतों में कम से कम कीटनाशक दवाओं का प्रयोग करने की सलाह दी है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि इस समय धान की नर्सरी डाली जा रही है। खरीफ की फसलों में बोआई से पहले बायोपेस्टीसाइड, ट्राईकोडर्मा व ब्यूवेरिया बैसियाना का प्रयोग करते हुए भूमि व बीज शोधन अवश्य कर लें। उन्होंने चावल में प्रयोग किए जा रहे कीटनाशक रसायनों के स्तर को कम करने की सलाह किसानों को दी है।
बताया कि बुप्रोफेजन 25 प्रतिशत एससी व ट्राईसाइक्लाजोल 75 प्रतिशत डब्ल्यूपी का प्रयोग न कर वैकल्पिक रसायनों का प्रयोग करें। बासमती धान की फसल में हरा, भूरा फुदका व सफेद पीठ वाला फुदका दिखाई देने पर एसीफेट, इमिडाक्लोप्रिड, थईमेथोक्साम का प्रयोग करें। उन्होंने किसानों से यह भी अपील की है कि रासायनिक दवा अपने निकटवर्ती कृषि रक्षा इकाई से ही खरीदें। वैध लाइसेंसधारी डीलरों से कीटनाशक की खरीद पर रसीद अवश्य प्राप्त करें।