बलरामपुर के सिसई घट पर बढ़ रहा राप्ती नदी का जलस्तर।-संवाद
बलरामपुर। पहाड़ों पर बारिश होने से राप्ती नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब पहुंच गया है। निचले इलाकों में बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है। पहाड़ी नालों में भी बाढ़ आने की संभावना जताई जा रही है। जिले के साथ-साथ पहाड़ों पर भी बीते 3-4 दिनों तक बारिश हो रही है। पहाड़ों पर बारिश होने से राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। चेतावनी बिंदु के 103.620 मीटर के सापेक्ष शाम 6:00 बजे तक राप्ती का जलस्तर 103.550 मीटर तक पहुंच चुका था। सिसई घाट पर तैनात स्किल वर्क असिस्टेंट मुकेश ने बताया कि राप्ती का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। राप्ती में बाढ़ आने से निचले इलाकों में कटान तेज हो गई है। सदर व उतरौला तहसील के 150 गांवों पर बाढ़ व कटान का खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ व कटान को लेकर ग्रामीणों को चिंता सताने लगी है। एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार ने बताया कि आपदा प्रबंधन की तरफ से बाढ़ पर निगरानी रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित सभी गांवों में राजस्व निरीक्षकों व हल्का लेखपालों को नजर रखने का निर्देश दिया गया है। कलेक्ट्रेट के साथ-साथ तीनों तहसीलों में भी बाढ़ को लेकर कंट्रोल रूम संचालित किए जा रहे हैं। बाढ़ आने की सूचना कोई भी व्यक्ति कंट्रोल रूम पर दे सकता है।