बलरामपुर। शहर के बीच से गुजरने वाले गोरखपुर-गोण्डा रेलमार्ग पर जैसे ही कोई ट्रेन गुजरती है, एक साथ दोनों प्रमुख रेलवे क्रॉसिंग पर आवागमन ठहर हो जाता है। ट्रेन जाने के बाद भी लोगों को सड़क पर लगने वाले जाम से घंटों जूझना पड़ता है। सुबह 10 बजे के आसपास यदि कोई ट्रेन आती है तो बहराइच मार्ग पर जाने वाले विद्यार्थी, वकील एवं आफिसों में काम करने वाले कर्मचारियों को आवागमन में काफी असुविधा झेलनी पड़ती है। यह समस्या रोज की है, लेकिन न तो अफसर इस तरफ ध्यान दे रहे हैं और न जनप्रतिनिधि ही समस्या का निराकरण कराने का प्रयास कर रहे हैं।
गोरखपुर-गोण्डा रेलमार्ग का निर्माण आजादी के पहले हुआ था। उस समय शहर की आबादी बहुत कम थी। समय के साथ शहर की आबादी काफी बढ़ गई, लेकिन रेलवे क्रासिंग बंद होने पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। कोई भी ट्रेन आने पर झारखंडी रेलवे क्रासिंग व संतोषी माता मंदिर रेलवे क्रासिंग बंद हो जाती है। रेलवे क्रासिंग बंद होते ही शहर दो हिस्सों में बंट जाता है। रेलवे लाइन पार कर रहे वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। ट्रेन जाने के बाद भी घंटों जाम लगा रहता है। लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए यातायात पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।