बलरामपुर में स्थित गन्ना विकास परिषद कार्यालय।
बलरामपुर। गन्ना किसानों को अब खेती से संबंधित जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। जिले की तीन गन्ना विकास समिति व तीन चीनी मिल गेट पर गन्ना क्लीनिक की स्थापना की गई है। यहां परामर्श के माध्यम से किसानों की समस्याएं दूर की जाएंगी। क्लीनिक पर किसानों को आधुनिक तरीके से गन्ने की बुआई के साथ खेत की सेहत के बारे में जानकारी दी जाएगी।
गन्ना उत्पादन बढ़ाकर दोगुना मुनाफा करने के प्रति किसानों को जागरूक किया जाएगा। क्लीनिक पर गन्ना पर्यवेक्षक व मिल कर्मियों की तैनाती की गई है। ताकि क्लीनिक पर आने वाले किसानों की समस्याओं का समाधान हो सके।
गन्ना क्लीनिक पर किसानों को मृदा परीक्षण व मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर उर्वरक के उपयोग के बारे में बताया जाएगा। बीज व भूमि शोधन के लाभ, गन्ने की फसलों के रोगों की पहचान, लक्षण व कीटनाशक दवाओं के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। यही नहीं क्लीनिक पर विभागीय योजनाओं, गन्ने की उन्नतशील प्रजाति, बीज की उपलब्धता, गन्ने की खेती के लिए प्रचलित विधि आदि के बारे में पोस्टर-बैनर के माध्यम से किसानों को जानकारी मुहैया कराई जाएगी। क्लीनिक पर किसानों के खेतों के मिट्टी के नमूने भी संकलित किए जाएंगे। क्लीनिक पर उपलब्ध कृषक रजिस्टर में किसानों का नाम, पता, मोबाइल नंबर व उनकी समस्या आदि का विवरण लिखा जाएगा।
जिले में गन्ना क्लीनिक का संचालन शुरू हो गया है। किसान अपनी समस्याओं का निस्तारण क्लीनिक पर आकर करा सकते हैं। साथ ही विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर लाभ भी ले सकते हैं।
- आरएस कुशवाहा, जिला गन्ना अधिकारी