उतरौला (बलरामपुर)। सामुदायिक स्वास्थ केंद्र उतरौला में गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। अस्पताल आने वालीं महिलाओं को निजी पैथालॉजी में जाकर 500 रुपये खर्च करके जांच करानी पड़ रही है। अस्पताल में रोजाना कम से कम 40 से अधिक महिलाएं जांच के लिए आती हैं। जांच की सुविधा न होने से उनपर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सीएचसी उतरौला में गर्भवती महिलाओं की मुफ्त जांच, इलाज व प्रसव कराने का दावा तो किया जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि यहां पर अल्ट्रासाउंड जांच की कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। केंद्र पर अभी तक अल्ट्रासाउंड मशीन ही नहीं लगी है। ऐसे में यहां आने वालीं गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए जिला मुख्यालय रेफर कर दिया जाता है।
जिला मुख्यालय पर जाने में होने वाली असुविधा के चलते अधिकांश महिलाएं निजी पैथालाॅजी पर जांच कराने जाती हैं। सीएचसी उतरौला में जांच कराने पहुंची राबिया, फूलमती, श्याम राजी, सुशीला, मेहरुन्निसा व मोहरमा आदि ने बताया कि डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड जांच लिखी है। अस्पताल में इसकी सुविधा न होने के कारण बाहर से जांच करानी पड़ेगी। अल्ट्रासाउंड जांच के लिए निजी पैथालाॅजी पर 500 रुपये से अधिक खर्च करना पड़ रहा है। इन लोगों ने सीएचसी उतरौला में अल्ट्रासाउंड मशीन लगवाए जाने की मांग सीएमओ से की है। इस संबंध में सीएचसी उतरौला के अधीक्षक डाॅ. सीपी सिंह ने बताया कि अल्ट्रासाउंड मशीन लगवाए जाने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।