पचपेड़वा (बलरामपुर)। फसलों को तबाह करने वाले छुट्टा जानवरों से परेशान किसानों में भारी आक्रोश है। नाराज किसानों ने खेतों से खदेड़कर छुट्टा जानवरों को थाने व खंड विकास अधिकारी कार्यालय लाकर छोड़ दिया और प्रदर्शन करने लगे। किसानों की कार्यशैली से नाराज पुलिस ने चार को हिरासत में ले लिया है। छुट्टा जानवरों को ब्लॉक परिसर में रखा गया है। इस मामले की छानबीन कर रही है।
किसान गुलजार, दिलीप कुमार यादव, प्रेमलाल यादव, रामशंकर, आकाश सिंह, बबलू, धर्मराज, राकेश, फिरोज, राज कुमार व इंद्रावती आदि ने डीएम को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि पचपेड़वा क्षेत्र के कई गांवों में छुट्टा जानवरों का आतंक है। सेमरहवा, मड़नी, जोगिहवा, इमिलिया कोडर, बलिदानडीह, वीरपुर सेमरा, बेतहनिया, मोतीपुर, सेमरी, हरखड़ी, कोल्हुई, कुकुरभुकुआ व बढ़ईपुरवा सहित 50 से अधिक गांवों में छुट्टा जानवर किसानों के धान, गन्ने व अन्य खरीफ की फसलों को तबाह कर रहे हैं।
समस्या का निराकरण कराने के लिए कई बार ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। क्षेत्र के भारी संख्या में किसानों ने छुट्टा जानवरों को इकट्ठा कर थाने पहुंच गए।
थानाध्यक्ष आलोक राव ने बताया कि छुट्टा जानवरों को कुछ लोगों द्वारा उकसाया गया है। थाने पर छुट्टा जानवरों को लाने वाले करीब चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ की जा रही है कि किन कारणों से थाने में जानवरों को लाया गया है।
छुट्टा जानवरों को ब्लॉक परिसर में रखा गया है। किसानों का आरोप है कि खेतों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी छुट्टा जानवरों का झुंड जुटा रहता है जो दुुर्घटना का कारण बन रहा है। किसानों ने डीएम से इस समस्या का निराकरण कराने की मांग की है।