बलरामपुर। रोडवेज बसों में यात्रियों को डिजिटल पेमेंट में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। बसों के परिचालक डिजिटल माध्यम से किराया लेना ही नहीं चाहते हैं। ऐसा तब है जब सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने की बात कर रही है। परिवहन निगम इसमें सहयोग नहीं कर रहा।
रोडवेज बसों में परिचालक टिकट का ऑनलाइन भुगतान लेने से कतरा रहे हैं। झंझट का हवाला देकर सवारियों पर नकद रुपये देने का दबाव बनाते हैं। इससे अक्सर परिचालक और यात्रियों के बीच कहासुनी होती है। हालांकि कभी-कभी यात्री दूसरे यात्री के मोबाइल पर रुपये ट्रांसफर कर उनसे नकद रुपये लेते हैं। इसके बाद परिचालक को टिकट का नकद भुगतान करते हैं। सबसे अहम बात यह है कि अक्सर किराया 61, 32 रुपये जैसा होता है, जिसमें एक व दो रुपये छुट्टा न होने पर दिक्कत होती है। गोंडा से बलरामपुर जाने वाले यात्री अरुण कुमार बताते हैं कि छुट्टा पैसे न होने से बहुत परेशानी होती है। बसों के परिचालक कहते हैं कि आॅनलाइन पेमेंट लेने में समस्या नहीं है, लेकिन हिसाब जमा करने में कठिनाई होगी। उन्हें जेब से भी भुगतान करना पड़ेगा।
एआरएम वीके वर्मा का कहना है कि ऑनलाइन पेमेंट लेने का निर्देश सभी को दिया गया है। कुछ नई भर्ती वाले परिचालकों को जानकारी नहीं हैं। इससे दिक्कत आ रही है। जल्द ही उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा।