बलरामपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को घर-घर, गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 30 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिले भर में करीब 1.46 लाख परिवारों को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। परिवारों को समूह से जोड़ने के लिए सोशल मोबाइलेशन कैंपेन चलाया जा रहा है। समूह से जुड़ने के बाद इन परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने की तैयारी है।
गांवों में स्वरोजगर को प्रोत्साहन देने व परिवारों की आजीविका के लिए स्वयं सहायता समूह एक विशेष विकल्प बन रहा है। समूह से जुड़कर महिलाएं विभिन्न गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। एनआरएलएम 30 जून तक गरीब व सीमांत परिवारों को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने के लिए 18 अप्रैल से 30 जून के बीच सोशल मोबाइलेशन कैंपेन चल रहा है। 30 जून तक जिले में 146168 परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला मिशन प्रबंधक अनिल द्विवेदी ने बताया कि 18 अप्रैल से अब तक एक लाख 10 हजार परिवारों को जोड़ा जा चुका है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी, मनरेगा जॉब कार्डधारक परिवार को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने में प्राथमिकता दी जाएगी। 45 हजार परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी व 27446 परिवार मनरेगा जॉब कार्ड धारक को जोड़ा जाएगा।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की उपायुक्त मंजू त्रिवेदी ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के अंतर्गत सभी कमजोर और सीमांत ग्रामीण परिवारों को लाना है, ताकि वे ऐसे कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदान किए जा रहे लाभों को प्राप्त कर सकें।