बलरामपुर। ब्लॉक स्तरीय अस्पतालों में छह माह से सपोर्टिव सुपरविजन के लिए वाहन उपलब्ध नहीं हैं। वाहन के अभाव में सीएचसी अधीक्षक व कर्मचारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों की निगरानी नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते गांव में संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण व वीएचएनडी समेत अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
एनएचएम के तहत सभी सीएचसी को सपोर्टिव सुपरविजन के लिए एक-एक वाहन मिलता है। जिससे अधीक्षक व ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट (बीपीएमयू) के कर्मचारी क्षेत्रों का भ्रमण करते हैं। इस वाहन से पीएचसी, उपकेंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निरीक्षण करने के साथ ही संस्थागत प्रसव, आरआई व ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस की जांच भी की जाती है। लेकिन नवंबर से ही किसी सीएचसी पर यह वाहन नहीं है।
प्रभावित हो रहीं सेवाएं
सीएचसी गैसड़ी के अधीक्षक डॉ. विजय कुमार व रेहरा बाजार के अधीक्षक डॉ. मंशालाल बताते हैं कि सपोर्टिव सुपरविजन की गाड़ी न होने से प्रोग्राम की माॅनीटरिंग में तमाम दिक्कतें आ रही हैं। अधीक्षक व डॉक्टर तो निजी वाहन से भ्रमण कर लेते हैं लेकिन बीपीएमयू स्टाफ नहीं निकल पाता है। इससे संस्थागत प्रसव, आरआई व वीएचएनडी की सुविधाओं में कमी आ रही है। ड्रगवेयर हाउस व सीएमएसडी स्टोर से दवा व अन्य सामान मंगाने के लिए भी जेब से पैसा खर्च करना पड़ता है।
छह माह से नहीं हो सकी निविदा
सपोर्टिव सुपरविजन व राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के लिए वाहनों की निविदा प्रक्रिया नवंबर के पहले से चल रही है। छह माह बाद भी विभागीय अधिकारी इसे पूरा नहीं कर सके हैं। इससे स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की जांच में समस्या आ रही है।
जल्द पूरी हो जाएगी निविदा प्रक्रिया
वाहनों की निविदा प्रक्रिया चल रही है, जेम पोर्टल पर फर्मों से बिड कराई जा रही है। हमारा प्रयास है कि शीघ्र ही निविदा प्रक्रिया पूरी कराकर सभी ब्लॉकों को वाहन उपलब्ध करा दिए जाए।
- डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ