बलरामपुर। ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) में कार्यरत अवर अभियंता अब पंचायतों व अन्य विभागों से जुड़े काम-काज नहीं देखेंगे। वह सिर्फ विभागीय कार्य ही करेंगे। शासन ने आरईडी के अवर अभियंताओं से अन्य विभागों का कार्य न कराने का निर्देश जारी किया है। यह कार्य अब पंचायती राज विभाग की तरफ से तैनात कंसल्टिंग इंजीनियर ही करेंगे।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में पहले से ही इंजीनियरों की कमी है। इसके बावजूद आरईडी में तैनात अवर अभियंता विभागीय कार्य देखने के बजाय डूडा, नगर निकाय, जिला पंचायत व डीआरडीए सहित अन्य विभागों में संबद्ध होकर वहां के काम काज को देख रहे थे। इससे खुद ग्रामीण अभियंत्रण विभाग का कार्य प्रभावित हो रहा है। इसके चलते ही अपर मुख्य सचिव ने सभी डीएम व सीडीओ को पत्र लिखकर ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंताओं से दूसरे विभागों का काम न लेने का निर्देश दिया है।
जिले में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में छह अवर अभियंता तैनात हैं। यह अभियंता सिर्फ आरईडी का काम ही देखते हैं। पहले ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों को देखने के लिए इंजीनियर नहीं थे। सितंबर 2022 में जिले में पंचायती राज विभाग द्वारा 22 कंसल्टिंग इंजीनियरों का तैनात किया गया था। ग्राम प्रधान व सचिव मनमाने तरीके से कंसल्टिंग इंजीनियरों को काम देने के बजाय ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंताओं से काम कराते हैं, ऐसे में शासन स्तर से तैनात कंसल्टिंग इंजीनियरों को भी नियमित तौर पर काम नहीं मिल पा रहा है।
ग्राम पंचायतों में तैनात कंसल्टिंग इंजीनियरों को काम न मिलने पर अपर मुख्य सचिव पंचायती राज ने असंतोष जताते हुए उप निदेशक पंचायत को पत्र लिखकर कंसल्टिंग इंजीनियरों को काम दिलाने व उनके द्वारा किए गए कार्यों के पारिश्रमिक का भुगतान कराने के लिए निर्देशित किया है। इसका अनुपालन सख्ती से कराने के साथ इसकी क्रियान्वयन रिपोर्ट भी मांगी गई है।
इसके चलते ही उप निदेशक पंचायत आरएस चौधरी ने आरईडी अभियंताओं को हटा कर कंसल्टिंग इंजीनियरों को काम दिलाने के संबंध में देवीपाटन मंडल के सभी डीपीआरओ को पत्र भी लिखा है।