बलरामपुर के उतरौला रोड पर खड़ी स्कूल बस।
बलरामपुर। प्रशासन ने स्कूली बसों में बच्चों की सुरक्षा के लिए एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत स्कूली बसों की फिटनेस के लिए अब ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के साथ ही सीसीटीवी सिस्टम को भी अनिवार्य किया गया है। बिना इसके परिवहन विभाग बसों का फिटनेस जारी नहीं करेगा। इसके माध्यम से अभिभावकों को सीधे जोड़ कर बच्चों की सुरक्षा निगरानी को प्रभावी बनाया जाएगा।
इससे वह मोबाइल पर बसों का रूट जानने के साथ उनकी लाइव लोकेशन भी देख सकेंगे। जिले में अभी तक 260 स्कूली बसों को इस सुविधा से युक्त किया जा चुका है। अभी तक जीपीएस से सिर्फ सबंधित शिक्षा संस्थान को पता चलता था बसों का रूट क्या है। बच्चों को को लेकर बस कहां पहुंची है। इसकी जानकारी अभिभावकों को नहीं हो पाती थी। लेकिन अब सीसीटीवी की अनिवार्यता से अभिभावक यह भी जान सकेंगे कि उनके बच्चे को ले जाने वाली बस कहां पहुंची है। नए शैक्षिक सत्र अप्रैल 2024 से पहले सभी स्कूली बसों को इस सुविधा से युक्त बनाने के बाद अभिभावकों को इस सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
इससे ट्रैफिक जाम में स्कूल बस के फंसने से होने वाली देर पर अभिभावकों को अपने बच्चों के लिए बेकार की चिंता नहीं करना पड़ेगी। वह अपने मोबाइल फोन पर ही बस की लाइव लोकेशन को देख सकेंगे। बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से अभी तक बसों में जीपीएस सिस्टम की ही व्यवस्था थी। अगले सत्र से सभी स्कूल बसों में अब जीपीएस के साथ बसों के अंदर सीसीटीवी सुविधा को भी अनिवार्य कर दिया गया है।
शासन के निर्देश पर सभी स्कूली बसों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के साथ सीसीटीवी लगवाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जल्द ही सभी स्कूली बसों को इस सुविधा से जोड़ा जाएगा।
अरविंद यादव, एआरटीओ