बलरामपुर। पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड न होने पर शासन ने नगर पालिका परिषद बलरामपुर को राज्य वित्त आयोग से मिलने वाली ग्रांट रोक दी है। इससे पालिका में कार्यरत 400 कर्मियों के वेतन पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं, लेखा अनुभाग में ताला लगा होने के कारण वित्तीय कामकाज ठप है।
नगर पालिका परिषद में होने वाले खर्च की ऑडिट कराई जाती है। इसमें आय-व्यय की तुलनात्मक रिपोर्ट एकत्र की जाती है। इसके बाद इसे सिटी फाइनेंस पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। जिसका परीक्षण करने के बाद शासन ग्रांट रिलीज करता है। इसको लेकर शासन स्तर पर कई बार पत्र भी लिखा गया लेकिन, रिपोर्ट नहीं भेजी जा सकी।
दरअसल, नगर पालिका के लेखा विभाग में पिछले 27 जनवरी से कामकाज ठप है। यहां पर तैनात रहे कर्मी के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया तो उनका पटल बदल दिया गया। समस्या तब और बढ़ गई, जब संबंधित कर्मी ने प्रभार ही नहीं दिया।
ऐसे में कर्मचारियों ने एक और ताला लेखा अनुभाग पर लगा दिया, जिससे समस्या बढ़ गई। शासन ने राज्य वित्त आयोग के लिए अन्य पालिकाओं को बजट जारी किया लेकिन, बलरामपुर नगर पालिका परिषद को एक भी पैसा नहीं मिला। इससे पालिका कर्मियों के वेतन को लेकर मुश्किल बढ़ गई है।
ईओ नगर पालिका गिरीश चंद्र ने बताया कि इस बार ग्रांट रोक दी गई है। कुछ करते हैं, जिससे कर्मचारियों को समस्या न हो।
इनसेट
नगर पालिका के लेखा अनुभाग में ताला लगाए जाने के मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ईओ का कहना है कि सोमवार को प्रभारी मंत्री का दौरा है, वह निपट जाय, फिर देखते हैं क्या करना है। एडीएम डॉ. ज्योति गौतम का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में है। कार्रवाई हो रही है।