गोंडा। ट्रैक्टर का बीमा कराने वाले उपभोक्ता को बीमित धनराशि का भुगतान न करने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही बीमा कंपनी को डेढ़ माह के अंदर बीमा के क्लेम की धनराशि चार लाख 80 हजार रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।
सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम बहेरे कुंआ निवासी नानबाबू ने अधिवक्ता सुरेंद्र बहादुर सिंह के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद प्रस्तुत किया था। इसमें कहा कि उन्होंने छह हजार 470 रुपये अदाकर भारती ए एक्स ए जनरल इंश्योरेंस कंपनी की माल रोड शाखा, कानपुर से अपने ट्रैक्टर का बीमा कराया था। जिसकी वैधता तिथि 12 मार्च 2015 थी।
12 जुलाई 2014 को ट्रैक्टर चोरी हो गया था। पुलिस व बीमा कंपनी को चोरी की सूचना देने के बाद वाहन स्वामी ने बीमा कंपनी में दावा प्रपत्र प्रस्तुत कर बीमित धनराशि चार लाख 80 हजार रुपये भुगतान की मांग की। मगर बीमा कंपनी ने क्लेम देने में टालमटोल शुरू कर दी।
इस पर नानबाबू ने जिला उपभोक्ता फोरम की शरण ली। फोरम के नोटिस पर विपक्षी बीमा कंपनी ने हाजिर होकर अपना जवाब दिया। जिसमें वाहन का बीमित होना तो स्वीकार किया लेकिन देर से सूचना देने व वाहन स्वामी की लापरवाही बताते हुए परिवादी को बीमा का लाभ देने से इंकार किया। फोरम ने माना कि बीमा कंपनी ने तकनीकी आधार पर परिवादी को बीमित धनराशि का भुगतान नहीं किया। इससेे परिवादी को शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। मामले में निर्णय सुनाते हुए फोरम के अध्यक्ष रामानन्द, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने बीमा कंपनी को परिवादी को बीमित धनराशि चार लाख 80 हजार रुपए डेढ़ माह के अंदर भुगतान करने व शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए 10 हजार व वाद खर्च के लिए पांच हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया है। नियत अवधि में भुगतान न होने पर वास्तविक भुगतान की तिथि तक बीमा धनराशि पर छह प्रतिशत ब्याज देय होगा।