बलरामपुर। नगर निकायों में अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद व्यवस्था में तो बदलाव कर दिया गया मगर सूरत-ए-हाल जस के तस हैं। बलरामपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र में दाखिल खारिज के 50 आवेदन लंबित हैं। ऐसे में आवेदक चक्कर काट रहे हैं। वहीं, उतरौला में तीन करोड़ 54 लाख रुपये की 41 परियोजनाएं अटकी हैं। इससे विकास की रफ्तार थम सी गई है। नगर निकायों की स्थिति पर पेश है रिपोर्ट:
शुक्रवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे बलरामपुर नगर पालिका परिषद के ईओ गिरीश चंद्र व कर निरीक्षक हर्षित कुमार अपने कक्ष में नहीं थे। बाहर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि साहब मीटिंग में हैं। कोई काम हो तो बड़े बाबू से मिल लीजिये। गृहकर व जलकल विभाग के कार्यालय प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि दाखिल खारिज के 50 आवेदन आए हैं। 20 जनवरी तक आए सभी मामलों में नोटिस जारी किया जा चुका है। शेष में पता किया जा रहा है। बड़े बाबू नागेंद्र आर्य जन शिकायतों का निस्तारण करते नजर आए।
शुक्रवार को पूर्वाह्न 11:50 बजे उतरौला नगर पालिका परिषद के ईओ राजमणि जनसमस्याओं की सुनवाई करते मिले। राम सुंदर यादव ने जलनिकासी की समस्या बताई, इस पर त्वरित निराकरण कराने को कहा गया। ईओ ने कर्मचारियों से मौके पर जाकर काम कराकर रिपोर्ट देने को कहा। यहां अक्तूबर 2022 में तीन करोड़ 54 लाख रुपये की 41 परियोजनाओं के लिए निविदा कराई गई थी। तकनीकी स्वीकृति के बाद भी अभी तक काम शुरू नहीं हुआ। हालांकि ईओ का कहना है कि अभी कुछ दिन पहले ही उन्होंने कार्यभार संभाला है। इसका निराकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय डॉ. ज्योति गौतम का कहना है कि नगर निकायों में आम लोगों को कोई समस्या न हो, इसके लिए संबंधित को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। कुछ दिन पहले मैंने स्वयं नगर पालिका परिषद की व्यवस्था देखी थी। कमियों को सुधारने की जिम्मेदारी ईओ को सौंपी थी। एक बार फिर देखा जाएगा कि कहां पर क्या समस्या है।