गोंडा। भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में दोष सिद्ध पूर्व सांसद विनय कुमार पांडेय की सजा पर सोमवार को बहस पूरी हो गई। सीबीआई की विशेष अदालत में न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने आदेश सुरक्षित कर लिया। अब 28 जनवरी को कोर्ट सजा सुनाएगी। बहस के दौरान अभियोजन व बचाव पक्ष ने न्यायालय में अपने-अपने तर्क पेश किए। विधिक जानकारों की मानें तो बिन्नू पांडेय का जेल जाना तय है।
साउथ एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (सीबीआई-एमपी-एमएलए) में चल रही सुनवाई को लेकर सोमवार को काफी गहमा-गहमी रही। मामले में दोषी कांग्रेस के पूर्व सांसद विनय कुुमार पांडेय उर्फ बिन्नू और उनके तत्कालीन वैयक्तिक सहायक अरविंद कुुमार की मौजूदगी में बहस पूरी हो गई।
सीबीआई की तरफ से वरिष्ठ लोक अभियोजक पंकज गुप्ता ने पैरवी की। जबकि अधिवक्ता विक्रम सिंह पवार और मनोज पंत ने पूर्व सांसद बिन्नू पांडेय का बचाव किया। मुकदमे में दूसरे दोषी और बिन्नू पांडेय के वैयक्तिक सहायक अरविंद कुमार के बचाव में अधिवक्ता अभय पांडेय ने दलील दी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की तरफ से दर्ज कराए गए इस मुकदमे में भादवि की धारा 120 बी और 420 के साथ-साथ 13 (2) आर-डब्ल्यू 13 (1) (डी) पीसी एक्ट के तहत कोर्ट ने पहले ही दोषी करार दे दिया था।
उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता और सीबीआई कोर्ट के जानकार आदर्श तिवारी के मुताबिक भ्रष्टाचार के मामले में न्यूनतम चार वर्ष और अधिकतम दस साल की सजा का प्रावधान है। जबकि धोखाधड़ी के केस में अधिकतम सात वर्ष की सजा हो सकती है। दोनों मामलों में सजा साथ-साथ चलेगी।
सीबीआई की विशेष अदालत ने बीते बुधवार को कांग्रेस के पूर्व सांसद व पूर्व कारागार राज्यमंत्री विनय कुमार पांडेय उर्फ विन्नू व उनके निजी सहायक अरविंद तिवारी उर्फ अरविंद कुमार को यात्रा भत्ते में फर्जीवाड़ा, भ्रष्टाचार और घोटाले का दोषी ठहराया था। पूर्व सांसद पर आरोप है कि उन्होंने लोकसभा सदस्य रहते साल 2012 में फर्जी ई-टिकट और फर्जी बोर्डिंग पास से यात्रा दिखाकर नौ लाख 71 हजार 384 रुपये का भुगतान ले लिया। सांसद को अकेले, पति-पत्नी, विभिन्न सहयोगियों व रिश्तेदारों के साथ प्रति वर्ष 34 हवाई यात्रा की सुविधा मिलती है।
इसका लाभ उठाते हुए 15वीं लोकसभा में श्रावस्ती लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे विनय पांडेय ने एक नवंबर से तीन नवंबर 2012 तक सात फर्जी ई-टिकट व बोर्डिंग पास के जरिए दिल्ली से चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर और पोर्ट ब्लेयर से दिल्ली की हवाई यात्रा दिखाते हुए प्रतिपूर्ति के भुगतान के लिए लोकसभा सचिवालय में नौ लाख 71 हजार 384 रुपये का बिल प्रस्तुत कराकर भुगतान करा लिया। सचिवालय के अधिकारियों ने एयर इंडिया को भेजकर सत्यापन कराया तो सभी टिकट फर्जी पाए गए। टिकटों में फर्जीवाड़े की जानकारी मिलने पर मामला सीबीआई के सुपुर्द किया गया। सीबीआई ने 21 मार्च 2016 को जालसाजी, धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया और विवेचना के दौरान पुख्ता साक्ष्य मिलने पर 24 दिसंबर 2016 को पूर्व सांसद विनय पांडेय व अरविंद कुमार के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।