बलरामपुर। कौशल विकास व वित्तीय समावेशन में बेहतर प्रदर्शन करने पर नीति आयोग से जिले को तीन करोड़ रुपये की सौगात मिली है। इससे विकास को और रफ्तार मिलेगी। सीडीओ ने 13 विभागों के अफसरों से विकास कार्यों का प्रस्ताव मांगा है।
नेपाल सीमा से सटे विकास की दौड़ में अति पिछड़े बलरामपुर जिले को वर्ष 2018-19 में आकांक्षात्मक श्रेणी में रखा गया था। इसके बाद से यहां के विकास कार्यक्रमों की निगरानी नीति आयोग ने शुरू कर दी। पांच सेक्टरों में इंडेक्टर्स के आधार पर विकास कार्य कराने का निर्णय लिया गया। स्वास्थ्य पोषण, शिक्षा, कृषि, जल संसाधन, वित्तीय समावेशन व कौशल विकास का मानक बनाया गया।
नीति आयोग की समीक्षा में जिले में वित्तीय समावेशन व कौशल विकास कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन मिला। आयोग ने तीन करोड़ रुपये की धनराशि जिले के विकास को लेकर जारी की है।
सीडीओ संजीव कुमार मौर्या ने सीएमओ, उपायुक्त मनरेगा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, डीआईओएस, बीएसए, पीडी डीआरडीए, कृषि, उद्यान, पशुपालन, विपणन व कौशल विकास मिशन के अधिकारियों को पत्र लिखकर विकास से संबंधित कार्ययोजना तीन दिन के अंदर उपलब्ध कराने को कहा है।