बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर अगवा करने वाले को सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पवन कुमार शुक्ल ने बताया कि कोतवाली गैसड़ी में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी को 8 फरवरी 2017 को गांव के ही राम शब्द उर्फ पकेलू बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। सरिता, चिनकन, राम चरित्र व राम प्यारी ने भी इसमें आरोपी का साथ दिया।
पुलिस ने नाबालिग की बरामदगी कर मेडिकल जांच उपरांत न्यायालय में कमलबंद बयान दर्ज कराया था। पीड़िता व अन्य गवाहों के बयान के आधार पर छेड़खानी व बहला फुसलाकर अगवा करने का प्रथम दृष्टया आरोपी मानते हुए पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जहेंद्र पाल सिंह ने आरोपी को सात वर्ष के सश्रम कारावास व 20 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। उन्होंने साक्ष्यों के अभाव में बाकी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।