बलरामपुर। शहर के एक होटल में एएनएम व स्टाफ नर्स का पांच दिवसीय स्किल बर्थ अटेंडेंट प्रशिक्षण चल रहा है। इसमें शनिवार को सुरक्षित प्रसव व जन्म के बाद बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षक/बालरोग विशेषज्ञ डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि सामान्य प्रसव होने पर पहले नवजात को अच्छे से ड्राई करें। दो से तीन मिनट के भीतर स्ट्राइल विधि से गर्भनाल काटें और नवजात को गर्म कपड़े में लपेट दें, ताकि उसके शरीर का तापमान बना रहे।
उन्होंने कहा कि मां का पहला गाढ़ा दूध नवजात के लिए अमृत है। जन्म के बाद उसे तत्काल मां का दूध अवश्य पिलाएं। ये उसे कई जानलेवा बीमारियों से बचाएगा।
डॉ. महेश वर्मा ने कहा कि प्रसव के बाद नवजात में बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत रेडियंट वार्मर पर लिटाकर प्राथमिक उपचार करें। गंभीर बीमारी होने पर नवजात को तुरंत चिकित्सक के पास रेफर करें।
प्रशिक्षक डॉ. शैलेंद्र सिंह ने कहा कि सुरक्षित प्रसव के लिए प्रसव केंद्र मानक के अनुरूप तैयार होना चाहिए। इसमें आधुनिक उपकरण, आवश्यक दवाएं व प्राथमिक उपचार के सभी संसाधन होने चाहिए।
सर्जन डॉ. माही कीर्ति ने प्रशिक्षुओं को जटिल गर्भावस्था व एनीमिक गर्भवती की पहचान का तरीका बताया। उन्होंने कहा कि पांच दिन तक पाठ्य आधारित प्रशिक्षण देने के बाद एएनएम व स्टाफ नर्स को अस्पताल में व्यवहारिक प्रशिक्षण कराया जाएगा।