बलरामपुर। मनरेगा से ग्रामीण श्रमिकों को सौ दिन रोजगार की गारंटी पूरी होने की उम्मीद नए वित्तीय वर्ष में नहीं है। 48 लाख मानव दिवस के कार्य की ही योजना तैयार हुई है। इसमें जिले के 2,14,069 श्रमिकों को सौ दिन का रोजगार दे पाना संभव नहीं है। वैसे विभाग ने पिछले साल के बजट के आधार पर प्रस्ताव तैयार किया है।
जिले की 793 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कार्य कराए जाते हैं। ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विकास कार्य होते हैं। इस बार के बजट में कृषि से जुड़े 60 फीसदी कार्य शामिल किए गए हैं, लेकिन सभी श्रमिकों को रोजगार देने की पहल नहीं हुई है। सौ दिन के रोजगार की गारंटी पर बात करें तो तय बजट से 48 हजार श्रमिकों को ही सौ दिन रोजगार मिल पाना संभव है। (संवाद)
स्वीकृत किया गया बजट
मनरेगा योजना लेबर बजट में नए वित्तीय वर्ष में श्रमिकों पर 92,92,69,000 रुपये का खर्च तय
मनरेगा में सामग्री पर 61,95,11,400 रुपये तय
मनरेगा से 1,54,87,80,300 रुपये का बजट स्वीकृत
मुंह मोड़ चुके हैं 48 हजार श्रमिक
मनरेगा में समय से भुगतान न मिलने के कारण बड़े स्तर पर श्रमिकों ने काम से हाथ खड़े कर दिए हैं। फरवरी में ग्राम्य विकास विभाग की तैयार रिपोर्ट पर गौर करें तो 48,050 श्रमिक न तो काम की मांग कर रहे हैं और न ही सक्रिय हैं। जिले के 2,14,069 श्रमिक मनरेगा में पंजीकृत हैं। इसमें से बीत रहे वित्तीय वर्ष में अप्रैल 2023 से फरवरी 2024 तक 1,52,419 श्रमिक ही सक्रिय रहे हैं। उन्होंने ही योजना में रुचि दिखाई है।
6,525 को ही मिला सौ दिन का काम
वित्तीय वर्ष के बीते साढ़े नौ माह में 6,525 श्रमिकों को ही 100 दिन का रोजगार मिला है। 81 से 99 दिन तक 16,269 श्रमिकों को काम मिला है। 71 से 80 दिन के बीच में यहां 6,829 श्रमिकों को काम मिला है। विभाग ने बीत रहे वित्तीय वर्ष 2023-24 में 37,50,000 मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य तय किया था। विभाग ने 47,75,000 मानव दिवस सृजित किया। इसमें 1,87,5,28,000 रुपये खर्च किए गए। इसमें श्रमिकों की मजदूरी पर 1,23,7,78,000 रुपये खर्च हो चुके हैं। जबकि पक्के कार्य में सामग्री के भुगतान पर 14,32,51,000 रुपये खर्च हुए।
लोगों को जोड़ने की पहल की जा रही
मनरेगा योजना का बजट तय मानक के आधार पर तैयार किया गया है। श्रमिकों को बड़े पैमाने पर रोजगार मिले, प्रयास किया जा रहा है। योजनाओं से लोगों को जोड़ने की पहल की जा रही है।
सतीश पांडेय, उपायुक्त मनरेगा