बलरामपुर। यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम में अव्वल आए मेधावी समाज को एक नई दिशा देना चाहते हैं। इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में अव्वल आने वाले मेधावियों का सपना है कि हर विद्यार्थी प्रगति की राह पर आगे बढ़कर नाम कमाए। इसके लिए समय का सदुपयोग करने के साथ ही अनुशासन पर जोर देने की आवश्यकता है।
दुकानदार का बेटा बनना चाहता है हार्ट सर्जन
इंटरमीडिएट में जिला टॉप करने वाले आशीष कसौंधन के पिता पोखराज कोड़री बाजार में सरिया-सीमेंट की दुकान करते हैं। आशीष इस समय दिल्ली में नीट की तैयारी कर रहा है। वह भविष्य में हृदय रोग विशेषज्ञ बनना चाहते हैं। सफलता का श्रेय दादी रुक्मिणी देवी को देते हैं। चाचा रामचंद्र ने भी समय-समय पर उनका मार्गदर्शन किया। उन्होंने बताया कि बेहतर तैयारी के लिए छात्रों का अपने कमजोर विषय को चिह्नित कर उस पर विशेेेष ध्यान देना चाहिए। साथ ही समय का सदुपयोग करना चाहिए।
अंशिका की आईएएस अधिकारी बनने की तमन्ना
नगर के भंडारखाना निवासी शिक्षक अशोक कुमार पांडेय की बेटी अंशिका पांडेय ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 94.20 प्रतिशत अंक लाकर नाम रोशन किया है। अंशिका ने अपनी सफलता का श्रेय माता सुनीता पांडेय, पिता अशोक कुमार पांडेय व शिक्षकों को दिया है। अंशिका ने बताया कि वह आईएएस अधिकारी बनकर गरीबों की मदद करना चाहती हैं।
डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करने की इच्छा
उतरौला क्षेत्र के सेखुईया निवासी सिराज अहमद के पुत्र मो. अर्सल ने 93.60 प्रतिशत अंक लाकर इंटरमीडिएट की परीक्षा में परचम लहराया है। मो. अर्सल ने बताया कि वह डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पिता सिराज, माता नाजिया बानो व गुरुजनों को दिया है। कहा कि विद्यार्थियों को हर विषय को समान अवसर व समान समय देना चाहिए। इससे कोई भी विषय छूटता नहीं है।