बलरामपुर। करवा चौथ का पर्व रविवार को मनाया जाएगा। करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखते हुए शाम को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा अर्चना करेंगी। इस बार करवा चौथ पर रोहिणी नक्षत्र का अद्भुत संयोग बन रहा है। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 46 मिनट लेकर शाम को 06 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।
मान्यता है कि करवा चौथ का व्रत रखने से पति के जीवन में किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं आता है। पति को लंबी आयु की प्राप्ति होती है। करवा चौथ के व्रत में शिव, पार्वती, कार्तिकेय, गणेश एवं चंद्रमा के पूजन करने का विधान है। विवाहित स्त्रियां इस दिन अपने पति की दीर्घायु व उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करके भगवान चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का समापन करती हैं।
ऐसे करें पूजा
महिलाओं को चंद्रोदय काल तक निर्जल व्रत करना चाहिए। चंद्रोदय के बाद सबसे पहले गौरी-गणेश का पूजन किया जाता है, इसके बाद करवा माता या सौभाग्य दायिनी ललिता देवी का पूजन किया जाता है। करवा चौथ पर शिव-पार्वती एवं स्वामी कार्तिकेय की भी पूजा होती है। शिव-पार्वती की पूजा का विधान इसलिए किया जाता है कि जिस प्रकार शैलपुत्री पार्वती ने घोर तपस्या करके भगवान शिव को प्राप्त कर अखंड सौभाग्य प्राप्त किया, वैसा ही वर उन्हें भी मिले। वैसे भी गौरी पूजन का कुंवारी और विवाहित स्त्रियों के लिए विशेष महात्म्य है।
इनसेट
बाजार में उमड़ी भीड़
करवाचौथ को लेकर बाजार में महिलाएं खरीदारी करती दिखीं। झारखंडी मंदिर से लेकर वीर विनय चौराहे व बाजार में दुकानें लगाई गई हैं। कोई मिट्टी का करवा खरीद रहा था तो कोई चांदी का। हर किसी की अलग-अलग पसंद थी। इसके साथ ही कपड़ों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ रही। हर कोई अपनी पसंद के परिधान लेता नजर आया। ब्यूटी पार्लर की दुकानों पर भी भीड़ थी।
जेल में हो रहा प्रबंध
जिला जेल में विभिन्न मामलों में 16 महिलाएं निरुद्ध है। जेल प्रशासन ने इस बार करवा चौथ को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं। महिलाओं के लिए व्रत का सामान मंगवाया गया है। साथ ही पूजन के लिए महिला बैरक चंद्र दर्शन के बाद बंद किया जाएगा। व्रत तोड़ने के लिए अन्य इंतजाम किए गए है।