बलरामपुर। जिले के साथ ही नेपाल के पहाड़ों पर तीन दिन से हो रही बारिश के चलते कई पहाड़ी नालों में उफान आ गया है। पहाड़ी नालों की बाढ़ से कई गांव जलमग्न हो गए हैं। जलभराव से कई रास्तों पर आवागमन बाधित हो गया है। सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने प्रदर्शन शासन-प्रशासन से राहत व बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है।
खरझार पहाड़ी नाले में शनिवार सुबह आए उफान से शांतिपुरवा, मैटहवा, विजयीडीह, रमगढ़िया, कनहरा, सुगानगर व औरहिया गांव में पानी भर गया। बाढ़ के चलते लोग घरों से जरूरी सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर पलायन भी करने लगे हैं। लैबुड्डी, नंहुआपुर, दांदव, लैबुड़वा, राम स्वरूपुरवा, महादेव, बनकटवा आदि गांव पानी से घर गए हैं।
बाढ़ के कारण क्षेत्र के करीब एक दर्जन रास्तों पर आवागमन या तो ठप हो गया है या लोग जान जोखिम में डालकर निकल रहे हैं। पहाड़ी नालों की बाढ़ की वजह से खेतों में खड़ी सैकड़ों एकड़ फसल रेत में दब गई है। विजयीडीह समेत कई गांवों के लोगों ने शनिवार सुबह प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन से राहत व बचाव कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की है।
इसी तरह हरैया थाना क्षेत्र में ग्राम इटवा मिनौहनी के पास हेंगहा, गौरिया व जमधरा पहाड़ी नाले की बाढ़ से सैकड़ों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। ग्राम प्रधान रामजी तिवारी ने बताया कि सरयू नहर का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन क्षेत्र में जलभराव से निजात के लिए जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इसी वजह से खेतों में पानी भरा है।
गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र के चैनपुर गांव में संपर्क मार्ग बारिश में बह गया है। इसी कोतवाली क्षेत्र के बकौली डालपुर व जमधरा गांव के बीच पहाड़ी नाले की बाढ़ का पानी सड़क पर बह रहा है। दर्जनों गांवों के लोग जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजर रहे हैं। हेंगहा पहाड़ी नाले में उफान से कमदी व मदारगढ़ गांव में भी बाढ़ का पानी भर गया है।
नेपाल में हो रही भारी बारिश के कारण राप्ती नदी का जलस्तर भी शनिवार शाम चेतावनी बिंदु से 11 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। हालांकि नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान 104.620 मीटर से 89 सेंटीमीटर नीचे है। नदी का जलस्तर बढ़ने से तटी इलाकों में जलभराव व बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से हरिहरगंज-ललिया मार्ग पर लौकहवा गांव के पास बाढ़ का पानी बहने लगा है।
एडीएम/आपदा अधिकारी राम अभिलाष ने बताय कि पहाड़ी नालों में उफान तथा राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डीएम डॉ. महेंद्र कुमार के निर्देश पर सभी तहसीलों में निगरानी बढ़ा दी गई है। तीनों एसडीएम को प्रभावित क्षेत्रों में राजस्व टीम भेजकर राहत व बचाव कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया गया है।