बलरामपुर। सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान में स्वास्थ्य टीमों ने 9842 घरों में जाकर लोगों को टीबी से बचाव के प्रति जागरूक किया। साथ ही क्षय रोग के लक्षण, कारण व बचाव के बारे में जानकारी दी। 107 मरीजों के बलगम का सैंपल लेकर उसकी जांच कराई, जिसमें तीन मरीज चिन्हित हुए।
बिजलीपुर मंदिर पर सोमवार को चल रहे एमएलके महाविद्यालय एनएसएस शिविर में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. मोहसिन अली सिद्दीकी ने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं रही। सरकारी अस्पताल में टीबी की जांच, उपचार व दवा मुफ्त है। इसके मरीजों को पौष्टिक आहार लेने के लिए प्रतिमाह 500 रुपये भी मिलते हैं। डॉ. सुजाता ने कहा कि दो हफ्ते से अधिक खांसी, बुखार, भूख न लगना व लगातार वजन कम होना टीबी के लक्षण हैं। शिविर में जिला कार्यक्रम समन्वयक अविनाश विक्रम सिंह, सीनियर ट्रीटमेंट सुपर वाइजर सूर्य मणि त्रिपाठी, सुमित साहु व अमरेंद्र मिश्रा ने छात्र-छात्राओं को पंफलेट वितरित किया।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सजीवन लाल ने बताया कि सोमवार को 113 टीमों ने 9842 घरों में जाकर 47332 लोगों को टीबी से जुड़ी जानकारी दी।