बलरामपुर। गैर इरादतन हत्या के मामले में न्यायालय ने शुक्रवार को दो भाइयों समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी अदा करने का आदेश दिया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी कुलदीप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2013 को ग्राम बलबंता निवासी बाबूराम ने हरैया थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि उसका भाई काले बाबू मानसिक रूप से बीमार था। रात में वह गांव के ही हुकुम अली के घर में घुस गया था। हुकुम अली के पोते सद्दाम व छोटकऊ तथा बाबादीन व मारूफ ने चोर समझकर उसे पीट-पीटकर मार डाला।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की और चारों को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने नौ लोगों की गवाही कराई। जिला जज लल्लू सिंह ने चारों को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। (संवाद)